Rampur News: कैंटर में भरी थी 80 किलो गैस, फटता तो हाईवे पर हो सकती थी तबाही
बिलासपुर (अमरोहा)। नैनीताल हाइवे पर हुई स्कूली बस की घटना एक बड़ा रूप ले सकती थी। एक तरफ 80 किलो गैस से भरा कैंटर जिससे टक्कर हुई वहां से चंद कदम की दूरी पर ही सीएनजी पेट्रोल पंप था। कैंटर फट जाता तो हाईवे पर भीषण तबाही हो सकती थी। गनीमत यह रही कि बच्चे भी बाल-बाल बचे और बड़ी तबाही नहीं हो सकी।
नैनीताल हाईवे बाईपास पर बुधवार की दोपहर डिवाइन इंटरनेशनल स्कूल की जो बस हाईवे किनारे खड़े जिस कैंटर में घुसी थी। उस कैंटर में सीएनजी गैस के चार सिलिंडर लगे हुए थे। चारों सिलिंडर में करीब 80 किलो गैस थी। अगर यह सिलिंडर फट जाते तो हादसा बेहद गंभीर हो जाता। घटनास्थल के समीप ही सीएनजी का पेट्रोल पंप भी था। हाइवे पर काफी तेज रफ्तार से स्कूली बस जा रही थी और जिस तरह से वह कैंटर से टकराई और तेज धमाका हुआ उससे काफी भीषण हादसा बन सकता था, मगर गनीमत यह रही कि कैँटर नहीं फटा। हाइवे किनारे खड़े कैंटर फटता तो उसमें भरी 80 किलो गैस से काफी नुकसान हो सकता था। बस में बैठे बच्चों के साथ ही आसपास के इलाके में भी तबाही हो सकती थी। यहां से जुड़ा गांव कुआंखेड़ा में भी काफी हानि हो सकती थी। खास बात यह है कि यहां पर सीएनजी का पेट्रोल पंप भी था। जिससे बड़ा नुकसान होने की संभावना बनी हुई थी। शुक्र यह है कि जान की हानि नहीं हुई। हर कोई इस घटना से काफी घबराया हुआ है।
सात बच्चों के अभिभावक पहुंचे रुद्रपुर
जानकारी के अनुसार, जिन सात अभिभावकों के बच्चे रुद्रपुर में भर्ती हैं। उनके अभिभावक भी रुद्रपुर पहुंच गए हैं और हालचात ले रहे हैं।
बुधवार की दोपहर नैनीताल हाईवे पर ग्राम कुआंखेड़ा स्थित सीएनजी पेट्रोल पंप के समीप डिवाइन इंटरनेशनल स्कूल की बस हाईवे किनारे खड़े सीएनजी के सिलेंडर लगे कैंटर में घुस गई थी। हादसे में 11 बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि कैंटर में सीएनजी गैस के चार सिलेंडर लगे हुए थे। एक सिलेंडर में करीब 20 किलो गैस भरी हुई थी, यानि चारों सिलेंडरों में 80 किलो गैस मौजूद थी। लोगों का कहना था कि हादसे के दौरान अगर यह सिलेंडर फट जाते तो हादसा बेहद गंभीर और खतरनाक हो सकता था। इसके अलावा घटनास्थल के समीप ही सीएनजी का एक पेट्रोल पंप भी था। लोगों में चर्चा थी की ऐसे में भारी तबाही भी हो सकती थी। गनीमत रही कि सीएनजी गैस का कोई सिलेंडर नहीं फटा, जिसकी वजह से एक बड़ा हादसा होने से टल गया।


