Rampur News: 16 साल बाद खुली हवा में सांस ले सकेंगे 82 साल के रमजानी
रामपुर। सजा पूरी हो गई, लेकिन जुर्माना न भर पाने के कारण 82 साल का बुजुर्ग रिहा नहीं हो पा रहा था। स्वयंसेवी संस्था को जानकारी मिली तो उन्होंने जुर्माना अदा कर बुजुर्ग को रिहा कराया। जेल प्रशासन ने बुजुर्ग को रिहा करते हुए उन्हें परिजनों को सौंप दिया।मुजफ्फरनगर निवासी रमजानी उर्फ रामू 2007 से जेल में बंद था। पहले वह विचाराधीन बंदी रहा और फिर उसके बाद उसे 10 साल की सजा हो गई थी। उसे गाजियाबाद जेल में रखा गया था। इसके बाद 2016 में रमजानी को रामपुर जेल में शिफ्ट किया गया था। जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्य के अनुसार रमजानी की सजा मई में पूरी हो गई थी, लेकिन जुर्माना राशि नहीं दे पाने के कारण वह सवा साल की अतिरिक्त सजा भुगत रहा था। इस पर जेल प्रशासन ने अपराध निरोधक समिति एवं रईस रामपुरी कल्याण संस्थान से मदद ली। दोनों संस्थाओं ने रमजानी के जुर्माने की 24 हजार रुपये की रकम जमा कराई। जुर्माना की राशि जमा होने के बाद बृहस्पतिवार को रहमानी को रिहा कर दिया। उनकी रिहाई के लिए रमजानी की पत्नी व बहू यहां पहुंचे।
जेल अधीक्षक ने बताया कि जुर्माना की राशि जमा होने के बाद रमजानी की रिहाई हो गई। रिहाई के बाद बुजुर्ग के चेहरे पर खुशी लौट आई। इस मौके पर अपराध निरोधक समिति के चेयरमैन डा.उमेश शर्मा, प्रांतीय सचिव डाॅ.जीके पाठक, जिला सचिव रजा अली, रईस रामपुरी कल्याण सस्थान के शरीफ खां सहयोग रहा।