Rampur News: 29 नहरों की सफाई पर संकट, हजारों किसानों को होगी परेशानी
रामपुर। किसान रबी की फसलों की बुवाई की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में जल्द ही सिंचाई के लिए पानी की जरूरत होगी। नहरों में 12 दिसंबर को पानी छोड़ा जाएगा। इससे पहले सिंचाई विभाग नहरों की सफाई में जुटा है। हालांकि, इस बार 29 नहरों की सफाई के लिए बजट नहीं मिल सका है। विभाग की ओर से जिले की 94 नहरों की सफाई के लिए ढाई करोड़ के बजट की मांग की गई थी, लेकिन सिर्फ डेढ़ करोड़ रुपये ही मिले हैं। इससे 65 नहरों की सफाई होगी। ऐसे में 29 नहरों से जुड़े हजारों किसानों को सिंचाई के लिए मुसीबत उठानी पड़ेगी।
जिले में मौजूदा समय में 65 हजार हेक्टेयर भूमि में खेती होती है। इस समय रबी की फसल की बुवाई का सीजन है। गेंहू और चना की फसल की बुवाई होनी है। ऐसे में जल्द ही किसानों को खेतों की सिंचाई की जरूरत पड़ेगी। इसके लिए सिंचाई विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। जिले की सभी 94 नहरों की साफ-सफाई के लिए 2.50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन शासन से सिर्फ डेढ़ करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है।
ऐसे में विभाग ने 65 नहरों को चिह्नित कर साफ-सफाई कराने की तैयारी कर ली है। 29 नहरों में सफाई पर संकट है। ऐसे में इन नहरों से अपने खेतों की सिचाई करने वाले हजारों किसानों को परेशानी उठानी पड़ेगी। नहरों में सिल्ट, झाड़ियां उग आती हैं। इनकी सफाई न होने से कहीं नहर ओवरफ्लो हो जाती है तो कहीं किसानों के खेतों तक पानी ही नहीं पहुंचाता है। उत्तराखंड के ऊधमसिंहनगर के गूलरभोज स्थित हरिपुरा और बौर जलाशय से रामपुर में पानी छोड़ा जाता है, जो बिलासपुर से होता हुआ नहरों में पहुंचता है। 12 दिसंबर से नहरों में पानी छोड़ा जाएगा।
बाढ़ की 10 परियोजनाओं में चार स्वीकृत
रामपुर शहर में सिंचाई विभाग ने भविष्य के लिए बाढ़ की 10 परियोजनाएं बनाई थीं, लेकिन सिर्फ चार की ही स्वीकृति मिल सकी है। सिंचाई विभाग 12 दिसंबर से पहले नहरों की सफाई कराने की तैयारी कर रहा है। पानी आने के बाद किसानों के लिए खेतों की सिंचाई करना आसान होगा।
वर्जन :
जिले की 94 नहरों की साफ-सफाई के लिए प्रस्ताव भेजा था, जिनमें से ढाई की जगह डेढ़ करोड़ रुपये ही बजट आया है। इससे 65 नहरों की सफाई हो सकेगी। अन्य नहरों की सफाई के लिए अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
-सियाराम, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग, रामपुर
इन इलाकों में नहरों की नहीं हो पाएगी सफाई
रामपुर शहर में तहसील पटवाई क्षेत्र की 10, स्वार क्षेत्र की पांच, बिलासपुर क्षेत्र की छह और टांडा क्षेत्र की पांच नहरों की साफ-सफाई नहीं हो सकेगी। जिससे यहां के किसानों के लिए काफी परेशानी हो जाएगी। इन नहरों की साफ-सफाई न होने से खेतों तक पानी पहुंचने में मुश्किल होगी।
नहरों में साफ-सफाई न होने से परेशानी बढ़ेगी। सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पाएगा। सिंचाई विभाग को सभी नहरों को पानी देने के लिए कोशिश करनी चाहिए।
-गुरुचरन सिंह, जिलाध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन, चढूनी
किसानों के लिए इस समय रबी की फसल की बुवाई होनी है और इसके लिए पानी की आवश्यकता होती है। सिंचाई विभाग नहरों की साफ-सफाई करा रहा है, लेकिन कुछ नहरें जो छूटी हैं उनकी साफ-सफाई करानी भी जरूरी है। विभाग को चाहिए कि इसके लिए भी इंतजाम करे।
-जगजीत सिंह गिल, जिलाध्यक्ष, भाकियू टिकैत
काफी समय से नहरों की साफ-सफाई नहीं हुई है। रबी की फसल का सीजन आ रहा है। पहले भी कई बार इसकी शिकायतें कर चुके हैं। नहरों की साफ-सफाई के साथ पानी छोड़ा जाना चाहिए।
-हाजी अख्तर अली, किसान, टांडा
इस समय किसान को पानी की ज्यादा आवश्यकता होती है। ऐसे में अधिकारियों को चाहिए कि कोई भी नहर न छूटे और सभी में पानी पहुंचे ताकि सभी किसान भाइयों को पानी सुचारू रूप से पहुंच सके।
-अब्दुल माजिद, किसान, टांडा
सफाई न होने से ये होती है परेशानी
नहरों की सफाई न होने से उसमें जमी सिल्ट और उगी झाड़ियों के चलते टेल तक पानी नहीं पहुंचता है। कहीं-कहीं पर सिल्ट इतनी ज्यादा हो जाती है कि पानी नहर से बाहर आकर किसानों के खेतों में भरने लगता है और आगे पड़ने वाले खेतों को पानी नहीं मिल पाता है। इससे किसानों को परेशानी होती है। सफाई हो जाने से सभी किसानों को समान रूप से पानी मिल जाता है।