Rampur News: दढ़ियाल में बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमराई
रामपुर। दढ़ियाल में बिजली व्यवस्था पिछले दो दिनों में पूरी तरह बदहाल हो गयी है। अघोषित कटौती और आवाजाही के बीच नगरवासियों को पांच घंटे भी बिजली आपूर्ति नही मिल पाई है। बिजली नहीं मिलने से लोगों को अंधेरे के साथ-साथ उमस भरी गर्मी और पेयजल समस्या से जूझना पड़ रहा है। इस दौरान विभाग के अवर अभियंता और बिजली कर्मियों के फोन भी बंद रहे। जिससे लोगों में विभाग के प्रति आक्रोश बढ़ रहा है।
सरकार के लाख प्रयासों के बाद भी नगर की बिजली व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। बिजलीघर पर तैनात अधिकारी और कर्मचारी बेलगाम हैं और लोगों की समस्या से कोसों दूर हैं अधिकांश उपभोक्ता रकम खर्च कर घरेलू लाइनों की समस्या निजी कर्मचारियों से कराने को मजबूर हैं। शुक्रवार को सुबह करीब 5 बजे से गायब हुई बिजली लोगों को पूरे दिन नसीब नहीं हुई। शाम के वक्त से बिजली की आवाजाही के बाद रात 12 बजे पुनः बिजली आपूर्ति ठप हो गयी। इस दौरान लोगों को मुश्किल से मात्र 3 घंटे ही बिजली मिल सकी। वहीं शुक्रवार की रात 12 बजे गायब हुई बिजली शनिवार को शाम 4 बजे तक पूरी तरह से नदारद रही। हालाकि 4 बजे के बाद भी शाम 6 बजे तक बिजली का झलक दिखाकर जाने का सिलसिला चलता रहा। इस दौरान शुक्रवार और शनिवार को बिजलीघर के अवर अभियंता विजयपाल सिंह और नगर में तैनात संविदा कर्मी का फोन बंद रहा।
खराब ट्रांसफार्मर और गिरे खंभों ने बढ़ाई परेशानी। तीन दिन बाद भी नही खड़े हो सके गिरकर क्षतिग्रस्त हुए हाईटेंशन लाइन के 8 पोल।
दढ़ियाल। नगर में खराब ट्रांसफार्मर और हाईटेंशन लाइन के गिरे खंभे लोगों की परेशानी बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। जबकि विभाग हाथ पर हाथ रखकर बैठा हुआ है।
नगर के मोहल्ला फत्तावाला में हनुमान मंदिर के पास रखे दो ट्रांसफार्मर में से एक ट्रांसफार्मर में 3 दिन पूर्व खराबी आ गयी थी। जिसके कारण मोहल्ले के कई दर्जन घरों के लोग में लो वोल्टेज की समस्या से त्रस्त हैं शिकायत के बाद तैनात बिजली कर्मी ने मरम्मत कर समस्या दूर करने का आश्वासन दिया था लेकिन तीन दिन गुजरने के बाद भी लोगों की समस्या ज्यों की त्यों बनी है। लो वोल्टेज के चलते पंखे और बिजली उपकरण नही चलने से लोग उमस भरी गर्मी और पेयजल समस्या से त्रस्त है।
वहीं बिजलीघर से कोसी बांध होकर नगर को आने वाली 11 केवीए एचटी लाइन के 8 पोल तीन दिन पहले भारी बारिश के चलते गिरकर क्षतिग्रस्त हो गए थे। विभाग ने टूटे पोलों के स्थान पर दूसरे पोल लगाकर लाइन को दुरुस्त करने की जरूरत नहीं समझी है। लाइन की मरम्मत नहीं होने से नगर के भरतपुर, दरगाह, ढाया और बाहरवाला मोहल्ले के सैकड़ों घरों में तीन दिन बाद भी अंधेरा पसरा है।