Rampur News: आचार संहिता उल्लंघन के मामले में पूर्व विधायक बरी

रामपुर। आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में पूर्व विधायक और भाजपा नेता यूसुफ अली को कोर्ट ने राहत दी है। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में उनको आरोपों से बरी कर दिया है।
आचार संहिता के उल्लंघन का यह मामला मिलकखानम थाना क्षेत्र का है। 2012 में विधानसभा चुनाव में युसूफ अली बसपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े थे। उन पर आरोप था कि चुनाव प्रचार के दौरान उनके बैनर व पोस्टर चस्पा सरकारी भवनों व बिजली के खंभो पर लगे हुए थे, जिस पर थाने में तैनात दरोगा आरके सोलंकी ने मिलक खानम में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले की तफ्तीश करते हुए चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी।
कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए इस मुकदमे का फैसला सुनाया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कई सुबूत पेश किए, जबकि बचाव पक्ष की ओर से आरोपों को झूठा बताया गया। अधिवक्ता महबूब अली पाशा ने बताया कि दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद साक्ष्य के अभाव में एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट शोभित बंसल ने पूर्व विधायक युसूफ अली को बरी कर दिया।
अब तक 16 मामले में बरी हो चुके यूसुफ
पूर्व विधायक यूसुफ अली के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन के 17 मुकदमे वर्ष 2012 में दर्ज हुए थे, जिसमें से अब तक 16 मुकदमों में कोर्ट उनको बरी कर चुकी है। एक मुकदमे का फैसला आना बाकी है।