Rampur News: उच्चीकृत नहीं हो सके कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय
रामपुर। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों को उच्चीकृत कर उनमें इंटर तक की कक्षाएं शुरू करने की योजना इस साल पूरी होती नहीं दिख रही है। एक साल बाद भी कस्तूरबा विद्यालयों के नए भवनों को हैंडओवर नहीं किया जा सका है। वहीं कक्षा नौ से 12वीं तक पढ़ाने के लिए शिक्षक व अन्य स्टाफ की भी नियुक्ति नहीं की गई है। ऐसे में आठवीं पास छात्राएं अब दूसरे कॉलेज में प्रवेश ले रही हैं।
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में बालिकाओं के लिए कक्षा एक से आठवीं तक की कक्षाएं लगती हैं। आठवीं पास करने के बाद छात्राओं को नौवीं में दूसरे कॉलेज में दाखिला लेना पड़ता था। ग्रामीण क्षेत्रों में कॉलेज दूर होने की दशा में तमाम छात्राएं अगली कक्षा में प्रवेश नहीं ले पातीं और उनकी पढ़ाई बीच में ही छूट जाती थी। इसको देखते हुए शासन ने पिछले वर्ष कस्तूरबा विद्यालयों में कक्षा नौ से 12 तक की कक्षाएं संचालित करने का निर्णय लिया था। इसके लिए विद्यालयों को उच्चीकृत करते हुए नए भवन का निर्माण शुरू कराया गया। जनपद में नगर क्षेत्र सहित सभी ब्लॉकों में एक-एक विद्यालय है। प्रत्येक विद्यालय के उच्चीकरण के लिए डेढ़-डेढ़ करोड़ रुपये आवंटित हुए। वर्तमान में सैदनगर ब्लॉक में कस्तूरबा विद्यालय उच्चीकृत होकर बेसिक शिक्षा विभाग को हैंडओवर हो चुका है। हालांकि, इसमें भी 12वीं तक की कक्षाएं इस सत्र में नहीं लग रही हैं, क्योंकि स्टाफ की नियुक्ति नहीं हुई है। अन्य ब्लॉकों में विद्यालयों के उच्चीकृत करने का काम अभी चल रहा है। ऐसे में छात्राओं को इस सत्र में नौवीं में प्रवेश मिल पाना बेहद मुश्किल है।
नगर क्षेत्र में नहीं मिली जगहनगर क्षेत्र में पहाड़ी गेट पर कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बना हुआ है। इसमें आठवीं तक की कक्षाएं लग रही हैं। उच्चीकृत करने के लिए विभाग को जगह नहीं मिल पाई। इसलिए यहां पर नए भवन का निर्माण शुरू नहीं हो पाया। नौंवी कक्षा में प्रवेश के लिए छात्राओं को दूसरे कॉलेज जाना पड़ रहा है।
प्रत्येक विद्यालय में हैं 100-100 सीटें
प्रत्येक कस्तूरबा विद्यालय में 100-100 सीटें निर्धारित हैं। इनमें गरीब बालिकाओं को दाखिला दिलाया जाता है। आवेदन के बाद प्रवेश परीक्षा के आधार पर योग्य बालिकाओं का चयन किया जाता है।
किस ब्लॉक में कहां है विद्यालय
नगर क्षेत्र में पहाड़ी गेट, मिलक के गांव लोहापट्टी, बिलासपुर में मोहल्ला सिरीनिया, स्वार के गांव टांडा बादली, चमरौआ में चमरौआ पीएचसी के नजदीक, शाहबाद में पटवाई के गांव सूरजपुर में और सैदनगर ब्लॉक में कस्तूरबा गांधी विद्यालय है। कुल मिलकार 700 छात्राएं इनमें पढ़ती हैं।
स्टाफ के चयन की प्रक्रिया भी नहीं हुई शुरू
नौंवी से 12वीं तक उच्चीकृत हो रहे कस्तूरबा विद्यालयों में शिक्षक सहित अन्य स्टाफ रखा जाना है। इनके चयन की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कक्षाओं के संचालन के लिए भवनों का निर्माण होने के बाद ही स्टाफ के चयन की प्रक्रिया संभव होगी।
कस्तूरबा विद्यालयों से हटा दिया पुरुष स्टाफ
कस्तूरबा विद्यालयों से पुरुष स्टाफ हटाने को लेकर बीते दिनों शासनादेश आए थे। जिसके बाद से जनपद में सभी कस्तूरबा विद्यालयों से पुरुष स्टाफ को हटाया गया। इनमें शिक्षक सहित 34 लोगों का स्टाफ था। अब इनके स्थान पर महिला स्टाफ को रखने के लिए चयन प्रक्रिया चल रही है।
कस्तूरबा विद्यालयों को उच्चीकृत किए जाने का काम तेजी से चल रहा है। इस सत्र तक भवन विभाग को हैंडओवर हो जाएंगे। आठवीं पास छात्राओं के दाखिले नजदीक के राजकीय विद्यालयों में करा रहे हैं।
सत्येंद्र शर्मा, जिला समन्वयक, बालिका शिक्षा

