Rampur News: किट खत्म, यूरिन की जांच ठप, मुश्किल में मरीज
रामपुर। जिला अस्पताल में अब यूरिन की जांच नहीं हो पा रही है। जिसकी वजह से हर वर्ग के मरीज परेशान हैं। यहां तक कि गर्भवती महिलाओं के तीमारदारों को भी भटकना पड़ रहा है। उनको पहले निजी लैब में जाना पड़ रहा है, उसके बाद वापस जिला अस्पताल में इलाज कराने के लिए आना पड़ रहा है। आलम यह है कि यूरिन की जांच निजी लैब से कराने के रुपये भी अधिक खर्च हो रहे हैं। जांच किट न होने की वजह से अस्पताल प्रशासन इस समस्या से जूझ रहा है।
जिला अस्पताल में अव्यवस्था की वजह से मरीज परेशान हैं। पिछले आठ दिन से मरीज और तीमारदार यूरिन की जांच के लिए भटक रहे हैं। अस्पताल में यूरिन की जांच निशुल्क होती है, जबकि अगर निजी अस्पताल या फिर लैब से जांच कराए तो 150-200 रुपये तक देने पड़ते हैं। जिससे आम आदमी की जेब पर भी असर पड़ता है। खासतौर पर इधर काफी अधिक मरीज यूरिन जांच को पहुुंच रहे हैं। रोजाना करीब 10 से 15 मरीज इसके लिए पहुंच रहे हैं। जांच किट का अभाव होने से ऐसी स्थिति बनी है। ऐसे में यह लोग पहले निजी लैब जा रहे हैं, उसके बाद रुपये अधिक खर्च करने के बाद वापस जिला अस्पताल की दौड़ लगाकर डॉक्टर से इलाज करा रहे हैं। पैथोलॉजी विभाग में बीते पांच अगस्त से किट उपलब्ध नहीं है। ऐसे में मरीजों की यूरिन की जांच नहीं हो पा रही है। शनिवार को जिला अस्पताल पहुंचे पंजाबनगर के राजेश ने बताया कि संक्रमण की शिकायत पर डॉक्टर ने यूरिन की जांच के लिए बोला था। यहां पर पैथोलॉजी लैब में किट उपलब्ध न होने पर जांच नहीं हो पाई। इसी प्रकार भोट के 60 वर्षीय प्रेमपाल निजी लैब में यूरिन की जांच कराकर डॉक्टर को दिखाने के लिए पहुंचे थे।
महिलाओं को अधिक परेशानी
जिला अस्पताल में औसतन हर रोज पांच से 10 महिलाओं की यूरिन की जांच होती है। किट उपलब्ध न होने से महिलाओं की जांच नहीं हो पा रही है। खासतौर से गर्भवती महिलाओं को जांच कराने के लिए निजी लैब तक जाना पड़ रहा है। निजी लैब में यूरिन की जांच के लिए 150 से 200 रुपये लिए जा रहे हैं।
700 किट की भेजी गई डिमांड
यूरिन की जांच के लिए जिला अस्पताल से 700 किट की डिमांड शासन को भेजी गई है। एक किट में 100 स्ट्रिप होती हैं। जिससे 100 मरीजों की जांच होती है। इस प्रकार दस हजार मरीजों के लिए किट की मांग की गई है।
यूरिन की जांच के लिए किट उपलब्ध नहीं होने से जांच नहीं हो पा रही है। इसके लिए शासन को 700 किट की डिमांड भेजी जा चुकी है। उम्मीद है सोमवार तक किट उपलब्ध हो जाएगी। इससे मरीजों की जांच शुरू हो जाएगी।
डॉ. एचके मित्रा, सीएमएस जिला अस्पताल रामपुर।


