Rampur News: कागजों में मर रहे मच्छर, हकीकत में लोग
रामपुर। जिले में मच्छरों का प्रकोप कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग से लेकर नगरीय निकाय और पंचायती राज विभाग की ओर से लगातार फॉगिंग और एंटी लार्वा कीटनाशक का छिड़काव किए जाने का दावा किया जा रहा है। बावजूद इसके मच्छरों का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। बीते दो माह में जिले में 600 से अधिक डेंगू के मरीज मिल चुके हैं। बुखार और डेंगू से सैकड़ों लोगों की मौत भी हो चुकी है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में डेंगू से एक भी मौत दर्ज नहीं है। स्वास्थ्य विभाग डेंगू-बुखार नियंत्रित करने के बजाय आंकड़े दुरुस्त करने में जुटा है।
बीमारियों पर रोकथाम के लिए तीन अक्तूबर से संचारी रोग नियंत्रण अभियान चल रहा है। अभियान में शहर से लेकर गांव देहात तक लोगों को बीमारियों से बचाने के लिए उनकी जांच व उपचार किया जा रहा है। इसमें डेंगू और बुखार की रोकथाम के लिए कीटनाशक दवा का छिड़काव किया जा रहा है, लेकिन जिले में यह अभियान बेअसर साबित हुआ है। जिले में बुखार और डेंगू के रोगियों में कोई कमी नहीं आई है। बीते कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए इस बार डेंगू के अब तक 618 मामले आ चुके हैं। यह आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज हैं, जबकि हकीकत में शहर से लेकर गांव देहात के अस्पताल बुखार और डेंगू के मरीजों से फुल हैं। सैकड़ों लोगों की बुखार और डेंगू से मौत भी हो चुकी है।
जिले में डेंगू के प्रकोप पर शासन ने भी जताई चिंता
जिले में डेंगू-बुखार के बढ़ते मरीजों को लेकर शासन ने भी चिंता जाहिर की है। मलेरिया एवं वेक्टर बॉर्न डिजीज विभाग के अपर निदेशक ने सीएमओ डॉ. एसपी सिंह को पत्र भेजा है। पत्र में जिले में डेंगू और बुखार की स्थिति का हवाला देते हुए डेंगू नियंत्रण अभियान की असफलता का जिक्र किया है। साथ ही इसको लेकर 30 अक्तूबर को लखनऊ में बैठक बुलाई गई है। जिसमें डेंगू रोधी अभियान को लेकर नए सिरे से रणनीति तैयार की जाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
नहीं हो रही ठीक ढंग से फॉगिंग
जिस तरीके से शहर, गांव-देहात की नालियों में जलभराव है और गंदगी फैली हुई है। उस हिसाब से छिड़काव और फॉगिंग नहीं हो रही है। लोगों का कहना है कि मच्छरों का प्रकोप इसी वजह से कम नहीं हो रहा है। जिस गांव में किसी की डेंगू-बुखार से मौत होती है, सिर्फ उसी के आसपास एंटी लार्वा का छिड़काव कर खानापूर्ति कर दी जाती है।
बीमारी पर रोकथाम के लिए टीमें लगातार अलर्ट हैं। हर प्रभावित क्षेत्र में पहुंचकर लोगों की जांच कर उपचार किया जा रहा है। बीते दिनों हुई बारिश की वजह से मच्छर बढ़े हैं। इसलिए नियंत्रण करने में थोड़ा समय लगेगा। जिले में एंटी लार्वा के छिड़काव के साथ फॉगिंग भी कराई जा रही है।
डॉ. एसपी सिंह, सीएमओ।
डेंगू से आठ साल के बच्चे समेत तीन की मौत
सैदनगर/ मसवासी। जिले में डेंगू से हो रही मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। रविवार आठ साल के बच्चे समेत तीन लोगों की डेंगू से मौत हो गई। वहीं तमाम लोगों का इलाज चल रहा है।
सैदनगर क्षेत्र के गांव बहादुरगंज निवासी भूरा टेलर (35) की डेंगू से मौत हो गई। उसको पांच दिन पहले बुखार आया था। मेरठ के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान जान चली गई। इसी गांव के आठ साल के शाहरुख की भी डेंगू से मौत हो गई। उसे भी कई दिन से बुखार आ रहा था। गांव में कई लोग डेंगू से पीड़ित हैं।
वहीं मसवासी में मोहल्ला भबरा निवासी किशन लाल सागर के 30 वर्षीय बेटे सुनील सागर को कई दिन से बुखार आ रहा था। पहले तो स्थानीय चिकित्सक से इलाज कराया गया। जब तबीयत में सुधार नहीं हुआ तो काशीपुर के निजी अस्पताल ले गए, जहां जांच में डेंगू की पुष्टि हुई थी। उपचार के दौरान रविवार सुबह उसकी मौत हो गई। मृतक के परिवार में पत्नी के अलावा तीन बच्चे हैं।
आंकड़ों पर एक नजर
जिले में मलेरिया के केस -112
जिले में डेंगू के केस – 618
जिले में डेंगू से मौत -00
नोट – आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के अनुसार हैं।


