Rampur News: पैसा भेजने पर भी अभिभावक नहीं खरीद रहे हैं यूनिफार्म
रामपुर। बेसिक स्कूलों में पढ़ने वाले 1.32 लाख बच्चों के अभिभावकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से इस सत्र में जुलाई माह में धनराशि भेज दी गई थी। करीब चार माह बीत जाने के बाद अभी भी तमाम बच्चे पुरानी स्कूल यूनिफार्म या बिना यूनिफार्म पहने हुए स्कूलों तक पहुंच रहे है। अब बच्चों के अभिभावकों को यूनिफार्म, स्वेटर आदि खरीदने के लिए जागरूक किया जाएगा।
यूनिफार्म, स्वेटर और जूते मोजे, स्कूल बैग खरीदने की जिम्मेदारी पहले स्कूलों के हेडमास्टरों पर थी। कमीशनखोरी रोकने के चलते पिछले दो साल से डीबीटी के माध्यम से स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों के खातों में सीधे शासन स्तर से पैसा भेजे जाने लगा। सीधे अभिभावकों के खातों में पैसा भेजे जाने वाली व्यवस्था भी कारगर साबित नहीं हुई। तमाम अभिभावकों ने बच्चों के लिए यूनिफार्म, स्वेटर और जूते मोजे और स्कूल बैग नहीं खरीद रहे हैं।
शासन से भेजी गई धनराशि का अभिभावकों ने दूसरे जगह प्रयोग कर लिया। इस सत्र में जुलाई माह में 1200-1200 रुपये की धनराशि शासन की ओर से खातों में भेज दी गई। फिर भी इनमें से तमाम बच्चे बिना स्कूल यूनिफार्म के पहुंच रहे हैं। कुछ बच्चे बिना स्वेटर पहनकर ठंड में सिकुड़ते हुए पहुंच रहे हैं। अब बीएसए संजीव कुमार ने समस्त खंड शिक्षा अधिकारी, एसआरजी, एआरपी को निर्देश दिए है कि वो स्कूलों में निरीक्षण के दौरान अभिभावकों को जाकर जागरूक करेंगे। बीएसए ने कहा कि जिन बच्चों को धनराशि नहीं मिली है, उनका डाटा सुधारते हुए पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। जल्द इनको लाभ प्राप्त होगा।

