Rampur News: अफसरों से बोले अभिभावक, सत्र पूरा होने तक आरपीएस में ही पढ़ें छात्राएं
रामपुर। शिक्षा विभाग की जमीन पर बने सपा नेता आजम खां के रामपुर पब्लिक स्कूल (आरपीएस) गर्ल्स विंग की छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए जिला प्रशासन छात्राओं को दूसरे स्कूल में शिफ्ट करने की तैयारी में है। रविवार को शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूल में पहुंचे और अभिभावकों संग इस मामले पर वार्ता की। अभिभावकों का कहना था कि शैक्षिक सत्र की समाप्ति तक बच्चों को इसी स्कूल में पढ़ने दिया जाए। अफसरों ने उनकी बातों को सुना और फिर वापस लौट गए।जौहर ट्रस्ट की ओर से पुराने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के स्थान पर संचालित हो रहे रामपुर पब्लिक स्कूल को सरकार ने खाली करने का निर्णय लिया है। इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से नोटिस भी जारी किया जा चुका है। इसके बाद स्कूल में पढ़ने वाली 634 छात्राओं के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। स्कूल में कक्षा एक से आठवीं तक की कक्षाएं लगती हैं। प्रशासन ने इन सब परिस्थितियों को देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी नंदकिशोर कलाल ने जिला विद्यालय निरीक्षक मुन्ने अली और बीएसए संजीव कुमार को शामिल करते हुए कमेटी बनाई है, जिससे कि स्कूल भवन को खाली कराया जा सके और इसमें पढ़ने वाली छात्राओं की भविष्य पर भी संकट पैदा न हो।
इसके लिए शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं को दूसरे स्कूल में शिफ्ट करने की तैयारी में है। रविवार को बीएसए संजीव कुमार और जिला विद्यालय निरीक्षक मुन्ने अली स्कूल में पहुंचे और वहां के स्टाफ व अभिभावकों के संग वार्ता की। उन्होंने छात्राओं को दूसरे स्कूल में शिफ्ट करने की बात कही। इस पर अभिभावकों ने कहा कि वर्तमान शैक्षिक सत्र को पूरे होने में चार माह का समय बचा है। ऐसे में छात्राएं दूसरे स्कूल में शिफ्ट कराई जाती हैं तो उनकी पढ़ाई से लेकर खर्च आदि में भी मुश्किल का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने बच्चों कि इस सत्र की पढ़ाई रामपुर पब्लिक स्कूल में पूरी किए जाने की मांग की। कहा कि आने वाले सत्र में वह अपने बच्चों का दाखिला अन्य स्कूलों में करा लेंगे। इसके बाद बीएसए और जिला विद्यालय निरीक्षक यहां से लौट गए। बाद में एएसपी डॉ. संसार सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट भी स्कूल पहुंचे। इस मसले पर उन्होंने स्कूल की प्रधानाचार्य अजरा नाज खान से बातचीत की। दोनों अधिकारियों ने छात्राओं के भविष्य पर संकट न आने देने की बात कही।
-स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं के अभिभावक अधिकतर गरीब वर्ग से हैं। ऐसे में बच्चों को दूसरे स्कूल में शिफ्ट किया जाता है तो उनके सामने पढ़ाई के खर्च से लेकर अन्य मुश्किलें भी होंगी। इसलिए इस सत्र की पूरी पढ़ाई इसी स्कूल में हो तो बेहतर होगा।
अजरा खान, प्रधानाचार्या, रामपुर पब्लिक स्कूल
स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं के अभिभावक संग वार्ता हुई। उन्होंने मार्च 2024 तक स्कूल में सत्र चालू रखने की मांग की है। स्कूल की प्रधानाचार्य ने भी प्रत्यावेदन दिया है। इस बारे मं उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
अफसरों के घेराव की सूचना पर दौड़े एएसपी और सिटी मजिस्ट्रेट
अभिभावकों से बातचीत करने पहुंचे जिला विद्यालय निरीक्षक और बीएसए का घेराव होने की अफवाह फैल गई। जिसके बाद पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। आनन-फानन में सिटी मजिस्ट्रेट सौरभ भट्ट और एएसपी डाॅ. संसार सिंह भी मय फोर्स के मौके पर पहुंच गए, लेकिन यह सूचना गलत निकली, जिसके बाद अफसरों ने राहत की सांस ली। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि सूचना मिलने के बाद वह मौके पर गए थे, लेकिन सूचना गलत निकली।
इसलिए खाली कराया जा रहा स्कूल
जौहर ट्रस्ट को माध्यमिक शिक्षा विभाग की जमीन लीज पर मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के संचालन के दी गई थी। लीज की शर्तों में इस बात का उल्लेख था कि आवंटन के एक साल के अंदर इस जमीन पर यूनिवर्सिटी के संचालन के लिए निर्माण कराया जाएगा, लेकिन ट्रस्ट के अध्यक्ष आजम खां ने यहां पर सपा का कार्यालय शुरू कर दिया। बाद में इस पर आरपीएस गर्ल्स विंग का संचालन शुरू किया तो खाली पर जमीन पर नया सपा कार्यालय बना लिया। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने शासन को भेजी गई अपनी रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया था कि लीज पर दी गई जमीन का उपयोग नियम विरुद्ध तरीके से किया जा रहा है, जो शर्तों का उल्लंघन है। लीज में ये बात भी शामिल थी कि शर्तों का उल्लंघन किए जाने पर आवंटन निरस्त हो जाएगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने लीज को निरस्त कर दिया। इसके बाद प्रशासन ने शिक्षा विभाग की 41181 वर्ग फीट भूमि खाली करने का आदेश दिया। इसी जमीन पर आरपीएस और सपा कार्यालय बना है। इसलिए अब स्कूल खाली कराया जा रहा है।