Rampur News: यतीमखाना प्रकरण में हेड कांस्टेबल को झटका, जमानत खारिज
रामपुर। शहर के चर्चित यतीमखाना मामले में शाहजहांपुर में तैनात हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र सिंह चौहान को कोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है।शहर कोतवाली क्षेत्र में सपा शासन में यतीमखाना की बस्ती को खाली कराया गया था, जिसका मुकदमा भाजपा सरकार में वर्ष 2019 में दर्ज किया गया था। इस प्रकरण में 12 मुकदमे दर्ज किए गए थे। इन मुकदमों में सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां, पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल, रिटायर्ड सीओ आले हसन समेत कई को नामजद किया गया था। यह सभी मामले कोर्ट में विचाराधीन चल रहे हैं।
एमपी-एमएलए कोर्ट की ओर से पिछले दिनों इस मामले के आरोपी शाहजहांपुर में तैनात हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र चौहान के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था, जिसके बाद बृहस्पतिवार को धर्मेंद्र ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में सरेंडर किया था। कोर्ट ने उस वक्त जेल भेज दिया था। इस मामले में हेड कांस्टेबल ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत के लिए एमपी-एमलए (मजिस्ट्रेट ट्रायल) कोर्ट में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया, जिस पर सुनवाई हुई। एपीओ अमरनाथ तिवारी ने बताया कि शुक्रवार को कोर्ट ने जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए आरोपी हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र चौहान का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।



