Rampur News: पहले भी वीडियो हुआ था वायरल, हुई थी जांच
रामपुर। भ्रष्टाचार के मामले में नामजद किए गए पूर्व सीओ सिटी विद्या किशोर सेवा निवृति तक अपने मूल पद पर रहेंगे। वीडियो वायरल होने के बाद शासन ने उन पर उत्तर प्रदेश पुलिस दंड अपील एवं पुनरीक्षण नियमावली 1991 के तहत कार्रवाई की थी। इसके अलावा पूर्व में वायरल हुई एक आडियो में भी वह दोषी पाए गए थे।
दुष्कर्म के मामले में पहले पदावनत किए गए और अब भ्रष्टाचार के मुकदमे में नामजद तत्कालीन सीओ सिटी विद्या किशोर का पूर्व में भी आडियो वायरल हुआ था। बताया गया है कि उक्त आडियो में उन्होंने गोकशी के आरोपियों को तत्कालीन शहर कोतवाली से छोड़ने का दबाव बनाया था। शिकायत के बाद इस मामले की जांच कराई गई थी। जांच में आरोप सही पाए गए थे, लेकिन विद्या किशोर अपने प्रभाव के चलते कार्रवाई से बच गए थे। वीडियो वायरल होने के बाद शासन ने उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस दंड अपील एवं पुनरीक्षण नियमावली 1991 के तहत कार्रवाई की थी। इस नियमावली के तहत दीर्घ दंड में पहला बर्खास्तगी और दूसरा डिमोशन और तीसरा वेतन वृद्घि पर रोक है। कानून विशेषज्ञ का कहना है कि अगर वह कोई में अपील करते हैं तो कोर्ट से राहत मिलने तक वह अपने मूल पद पर ही रहेंगे।

