रूट डायवर्जन : 22 दिन में रोडवेज को हुआ 30 लाख का घाटा
रामपुर। सावन में कांवड़ यात्रा के चलते बरेली-मुरादाबाद हाईवे पर रूट डायवर्जन लागू किया गया है। रूट डायवर्जन की वजह से रोडवेज बसें अपने गंत्वय तक घंटों देरी से पहुंच रही हैं। इससे जहां यात्रियों को परेशानी होती है, वहीं रोडवेज की आमदनी पर भी असर पड़ा है। बसों में पर्याप्त सवारियां न मिलने की वजह से 22 दिनों में डिपो को करीब 30 लाख रुपये का घाटा हो चुका है।
सावन में सात जुलाई से पुलिस-प्रशासन ने भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जन लागू किया था। सप्ताह में चार दिन भारी वाहनों को हाईवे से न गुजारकर बदले रूट से गुजारा जा रहा है। रोडवेज बसें भी हाईवे से नहीं गुजर रही हैं। ऐसे में बसें अतिरिक्त दूरी तय करते हुए अपने गंतव्य तक पहुंच रही हैं। रामपुर से दिल्ली, मुरादाबाद और बरेली की ओर जाने व वहां से आने वाले यात्रियों की मुसीबतें बढ़ी हैं। रूट डायवर्जन की वजह से रोडवेज बसों का किराया भी बढ़ाया गया है, वहीं समय भी अधिक लगता है, जिससे यात्रियों को परेशानी होती है।
वहीं, रूट डायवर्जन की वजह से बसों को भरपूर सवारियां नहीं मिल रही हैं। ऐसे में हर रोज डिपो की आमदनी में एक से डेढ़ लाख रुपये की गिरावट आई है। डिपो का प्रतिदिन 9.40 लाख रुपये की आमदनी का लक्ष्य है, जो सामान्य दिनों में आसानी से हासिल हो जाता है। लेकिन रूट डायवर्जन जब से लागू हुआ है तब से प्रतिदिन साढ़े सात से आठ लाख रुपये ही आमदनी हो रही है। 22 दिनों में अब तक डिपो को करीब 30 लाख रुपये का घाटा हो चुका है। अधिकमास की वजह से सावन दो माह का है। अभी पांच सोमवार बाकी हैं। ऐसे में डिपो का घाटा और बढ़ सकता है।
हाईवे के मुकाबले देहात के रूटों पर मिल रहीं कम सवारियां
हाईवे के मुकाबले देहात के रूटों पर सवारियां कम मिल रही हैं। बरेली की ओर जाने वाली बसें पटवाई, शाहबाद से आंवला को जा रही हैं। मुरादाबाद व दिल्ली को जाने वाली रोडवेज बसें पटवाई से शाहबाद, सैफनी, बिलारी होकर गुजारी जा रही हैं। रोडवेज के अधिकारियों की मानें तो हाईवे पर रास्ते में स्टॉपेज पर अधिक सवारियां मिल जाती हैं जबकि देहात के रूटों पर सवारियां न के बराबर मिल रही हैं। इन रूटों पर लंबी दूरी के यात्री नहीं मिल रहे हैं।
बयान
सावन की वजह से बदले गए रूटों पर भरपूर सवारियां नहीं मिल रही हैं। इस वजह से आमदनी में गिरावट हुई है। अब सावन बाद ही यातायात सुचारू होने पर आय बढ़ने की उम्मीद है।
– दीप चंद जैन, एआरएम, रामपुर डिपो
कुल बसें-58
अनुबंधित-02
सामान्य दिनों में औसत आय प्रतिदिन-9.40 लाख
रूट डायवर्जन की वजह से आय प्रतिदिन- साढ़े सात से आठ लाख रुपये