सद्दाम : माफिया का मददगार, छह मुकदमे, फिर भी पुलिस ने नहीं खोली हिस्ट्रीशीट

सद्दाम
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माफिया खालिद अजीम उर्फ अशरफ के साले सद्दाम को लेकर पुलिस की लापरवाही उमेश पाल हत्याकांड के बाद भी बनी रही। बरेली में शूटरों को जेल के भीतर अवैध तरीके से अशरफ से मिलवाने के आरोप में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद उसकी सतत निगरानी के प्रयास नहीं किए गए। न तो उसकी हिस्ट्रीशीट खोली गई, न ही अन्य कोई कार्रवाई की गई। यह हाल तब था जब उसके खिलाफ प्रयागराज व बरेली में छह मुकदमे दर्ज हो चुके थे।
उमेश पाल हत्याकांड के 10 दिन बाद ही यह स्पष्ट हो गया था कि इस वारदात में शामिल शूटरों को बरेली जेल में अशरफ से मुलाकात सद्दाम ने कराई। 10 मार्च को बरेली के बिथरी चैनपुर थाने में सद्दाम समेत अन्य के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ। इससे पहले तीन साल से फरार रहने वाले अशरफ को संरक्षण देने के आरोप में उस पर धूमनगंज थाने में 2020 में मुकदमा दर्ज हो चुका था और इसमें चार्जशीट भी लग चुकी थी। इसके अलावा तीन अन्य मुकदमे भी दर्ज हुए थे।
बिथरी चैनपुर के बाद बरेली के ही बारादरी थाने में कुछ ही दिनों बाद उसके खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज किया गया। इस तरह उसका नाम कुल छह मुकदमों में सामने आ चुका था। इसके बावजूद पुलिस की ओर से इस अपराधी पर शिकंजा कसने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए। उसकी हिस्ट्रीशीट नहीं खोली गई। जबकि यह चर्चा आम थी कि अशरफ के जेल जाने के बाद से ही सद्दाम ने उसके इशारे पर माफिया गैंग की कमान संभाल ली थी।


