Sawan 2023: शाहजहांपुर के चौकसी नाथ में दो शिवलिंग की होती है पूजा, दर्शन को उमड़ती है भक्तों की भीड़

चौकसी नाथ मंदिर में आपस में जुड़े हुए दो शिवलिंग
– फोटो : अमर उजाला
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शाहजहांपुर के चौक स्थित बाबा चौकसी नाथ मंदिर का नामकरण सुखलाल चौकसी के नाम पर हुआ है। चौकसी नाथ मंदिर के पुजारी विजय गिरि ने बताया कि सुखलाल चौकसी 28 जुलाई, 1982 को एक मुकदमे के सिलसिले में कन्नौज से शहर आए थे। बताया जाता है कि यह स्थान उन्हें रहने के लिए दिया गया था। जब उन्होंने यहां साफ-सफाई करवाई तो फावड़ा एक मूर्ति से टकराया। 10-12 फीट खोदाई के बाद भी मूर्ति का सिरा नहीं मिला।
एक अन्य मूर्ति और एक शिला भी मिली, लेकिन उसका भी सिरा नहीं मिला। बाद में इसी स्थान पर मंदिर की स्थापना की गई। यहां दो शिवलिंग आपस में जुड़े हुए हैं। इसी परिसर में सुप्रसिद्ध फूलमती माता का मंदिर भी है। फूलमती कन्नौज के राजदरबार की देवी थीं। मंदिर स्थापना का श्रेय सुखलाल चौकसी को ही दिया जाता है, जो कि कन्नौज से मंदिर की आधारशिला पैदल लेकर आए थे। प्रत्येक अमावस्या को मंदिर परिसर में मेला लगता है। इसी स्थान पर भगवान राधारमण का मंदिर भी है।

