Shahjahanpur News: बच्चे की मौत, परिजनों का टीका लगने के बाद हालत बिगड़ने का आरोप

पोस्टमार्टम हाउस पर खड़े बच्चे के परिजन। संवाद
परौर के गांव नौसेरा पिपरमई में बुधवार को हो गई थी डेढ़ माह के बच्चे की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। टीका लगाने के बाद अचानक बालक की हालत बिगड़ गई। जिससे कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। परिजनों ने टीका लगाने वाली एनएनएम पर लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने टीकों के पूर्णतया सुरक्षित होने का दावा किया है।
थाना परौर क्षेत्र के गांव नौसेरा पिपरमई निवासी रामकिशोर के डेढ़ माह के बेटे महेश को बुधवार को क्षेत्र की एएनएम टीका लगाने आई। परिजनों के मुताबिक टीका लगने के बाद बच्चा लगातार रोता रहा।
बाद में टीका लगने के करीब तीन घंटे बाद उसकी मौत हो गई। बच्चे की मौत से उसकी मां रामबेटी का रो-रोकर बुरा हाल है। थाना प्रभारी परौर सोनी शुक्ला ने बताया कि सूचना मिलने पर बच्चे का शव बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
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टीका सुरक्षित, किसी अन्य वजह से गई बच्चे की जान : डॉ. आदेश
चिकित्सा प्रभारी सीएचसी जरियनपुर डॉ. आदेश कुमार ने बताया कि बुधवार को गांव में टीकाकरण हुआ था। पोलियो और रोटा वायरस की दवा बच्चों को दी गई थी। इस बच्चे को पेंटावैलेंट का टीका लगाया गया और पोलियाे और रोटा वायरस की खुराक पिलाई गई। गांव में करीब 50 बच्चों का टीकाकरण हुआ था। बच्चे की किसी अन्य वजह से मृत्यु हुई होगी। दवा में कोई कमी होती तो अन्य बच्चों पर भी इसका प्रभाव पड़ता। रोटा की खुराक डायरिया के लिए और पेंटावैलेंट का टीका डिप्थीरिया, काला खांसी, गलघोंटू, टिटनेस, हेपेटाइटिस-बी और हिमोफिलस इन्फ्लुएंजा टाइप-बी से बचाता है। टीका और दवा पूरी तरह से सुरक्षित है।

