Shahjahanpur News: मां ने कर ली दूसरी शादी, फंदे से लटककर बेटे ने दे दी जान

मृतक आयुष का फाइल फोटो
12वीं का छात्र था बेटा, दादा की तहरीर पर पुलिस ने महिला के खिलाफ दर्ज किया मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। रोजा थाना क्षेत्र के गांव बरतारा निवासी ओमकार के पुत्र आयुष गौतम (17) ने मां के वियोग में मकान के स्टोर में रस्सी के फंदे से लटककर जान दे दी। वह विनोबा सेवा आश्रम इंटर कॉलेज में 12वीं का छात्र था। आयुष की मां पति की मौत के बाद बेटों को छोड़कर दूसरी शादी कर अलग रहने लगी थी। मृतक के बाबा रामसरन ने बहू अनीता देवी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है।
सोमवार को सुबह आठ बजे रामसरन खेत पर गए हुए थे। दोपहर तक आयुष का काेई सुराग नहीं लगने पर परिजनों को चिंता हुई। उसकी तलाश शुरू की गई। इस बीच स्टोर में उसका शव लटकता देखकर परिजन स्तब्ध रह गए। सूचना पर रोजा इंस्पेक्टर अमित पांडेय ने पहुंचकर परिजनों से पूछताछ की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
पुलिस के अनुसार, 2019 में लखीमपुर में सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत ओमकार की मैगलगंज में हत्या कर दी गई थी। उसकी जगह पर बहू अनीता को मृतक आश्रित के रूप में सरकारी नौकरी मिल गई। फिर अनीता ने दूसरी शादी कर ली। वह बेटी को साथ लेकर चली गई। तीन बेटों को मायके में छोड़ गई। आयुष अपनी मां के वियोग में गुमसुम रहता था। इसी के चलते उसने फंदे से लटककर जान दे दी।
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खर्च के लिए फैमिली कोर्ट में डाला था वाद
रामसरन ने बताया कि अनीता अपने बेटों आलोक, आयुष व आशीष को छोड़कर लोदीपुर स्थित किराये के मकान में रहने लगी थी। सरकारी नौकरी प्राप्त करने के बाद भी तीनों बच्चों को खर्च नहीं दे रही थी। बच्चों ने मां अनीता देवी के खिलाफ फैमिली कोर्ट में वाद दायर किया था। इसके बाद गुजारे के लिए 27 हजार रुपये अनीता ने दिए थे। रामसरन ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि बच्चे अपनी मां के साथ रहने की जिद कर रहे थे, लेकिन उसने मना कर दिया। अनीता ने कचहरी में बच्चों से कहा था कि जहर खा लो या फांसी लगाकर मर जाओ, हमें कोई मतलब नहीं है। हमने दूसरी शादी कर ली। मां की बात को सुनकर आयुष उदास हो गया और गुमसुम रहने लगा था।
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दसवीं का स्कूल टॉपर था आयुष
विनोबा सेवा आश्रम इंटर कॉलेज में पढ़ने वाला आयुष काफी होनहार था। वह पढ़ाई में काफी मेधावी था। उसने दसवीं की परीक्षा में स्कूल टॉप किया था। कक्षा 11 में भी उसके काफी बेहतर अंक आए थे।
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परेशान मत होना…रोना नहीं
आयुष की मौत के बाद पुलिस ने तलाशी के दौरान एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है। उसने दादा-दादी को परेशान नहीं होने की अपील की। उसने लिखा कि आप लोग परेशान मत होना। मैं बहुत अकेला हो गया था। मैं जो भी कर रहा हूं, खुद कर रहा हूं।