Shahjahanpur News: जमीन और बजट के अभाव में सौ निवेशकों के प्रोजेक्ट फंसे

गुरजीत सिंह मोगा, चैप्टर चेयरमैन, आईआईए
शाहजहांपुर। इंवेस्टर्स समिट में एमओयू साइन करने वाले 217 निवेशकों में मात्र 77 ही अगले माह तक औद्योगिक इकाई को स्थापित करने की स्थिति में पहुंच पाए हैं, जबकि 100 ने दिक्कतें गिनाते हुए कदम पीछे खींच लिए हैं। निवेशकों के पीछे हटने का बड़ा कारण जमीन की अनुपलब्धता है। हालांकि अधिकारी उनकी समस्या का समाधान कराने में जुटे हैं।
वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में 217 एमओयू साइन हुए थे। अधिकारियों ने 164 निवेशकों को फाइनल किया था। इनकी औद्योगिक इकाइयों को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए प्रयास शुरू किए गए तो उद्यमियों ने कई तरह की दिक्कतें बतानी शुरू कर दीं। इकाई को स्थापित करने में जमीन उपलब्ध न होना सबसे बड़ा संकट है।
उद्योग स्थापना के लिए जमीन, बैंक से लोन न मिलने समेत कई तरह की दिक्कतों को गिनाते हुए 100 निवेशकों ने अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। उद्योग केंद्र के सहायक विकास अधिकारी अरुण पांडेय बताते हैं कि 77 प्रोजेक्ट जमीनी स्तर पर उतरने के लिए तैयार हैं। अगले महीने तक उस पर काम शुरू हो जाएगा।
यह थी उद्यमियों को उम्मीद
ओएमयू को साइन करने वाले निवेशकों को उम्मीद थी कि सरकारी जमीन उपलब्ध होने से उद्योग स्थापित होने पर सहायता मिलेगी। स्थिति स्पष्ट होने के बाद निवेशकों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया। उन्होंने जमीन उपलब्ध नहीं होने की बात कहते हुए हाथ खड़े कर दिए हैं। दूसरी ओर बैंक से लोन नहीं मिलने, आरा मशीन लगाने वालों को बंदी की वजह से लाइसेंस नहीं मिलने के चलते भी उद्योग लगाने का निर्णय त्याग दिया।
तीन उद्यमियों ने ट्रांसफर करा लिए एमओयू
जिले में निवेश के लिए एमओयू साइन करने वाले तीन निवेशक दूसरे जिले में उद्योग स्थापित करेंगे। गाजियाबाद में एक और नोएडा में दो एमओयू ट्रांसफर किए गए हैं। दोनों ही जगह पर उन्हें जमीन आसानी से उपलब्ध हो गई है।
फोटो नंबर 43
इंवेस्टर्स समिट में निवेश करने वालाें से संपर्क साधा गया। 100 निवेशक उद्योग इकाई में कुछ दिक्कतें बताईं हैं। 77 प्रोजेक्ट लगने के लिए फाइनल हैं, जबकि 40 निवेशकों से वार्ता की जा रही है।
अरुण पांडेय, सहायक विकास अधिकारी, उद्योग केंद्र
भूमि की सबसे बड़ी दिक्कत उद्यमियों के सामने आ रही है। सरकार अपने रुपये से जमीन खरीदने की बात कह रही है। यूपीसीडा में भी जमीन नहीं मिल पा रही है।
गुरजीत सिंह मोगा, चैप्टर चेयरमैन, आईआईए

गुरजीत सिंह मोगा, चैप्टर चेयरमैन, आईआईए