Shahjahanpur News: छुट्टा पशुओं को पकड़ने में नाकाम नगर निगम
शाहजहांपुर। छुट्टा पशुओं को पकड़ने का अभियान शहर में पिछड़ रहा है। नगर पालिकाओं की कवायद भी काफी सुस्त है। कागजों में अभियान की प्रगति भले ही ठीक चलने के दावे किए जा रहा हों, लेकिन हाईवे पर घूम रहे पशु हादसों का सबब बन रहे हैं।
शासन के निर्देश पर प्रशासन ने एक नवंबर से 31 दिसंबर तक निराश्रित गोवंशीय पशुओं को पकड़कर गो आश्रय स्थलों में पहुंचाने का अभियान शुरू किया है। जिले में छह हजार गोवंशीय पशुओं पकड़ने का लक्ष्य दिया गया। अब तक 4,406 पशुओं को पकड़ा जा चुका है। नगर निकायों की सुस्ती से पशुओं का पकड़ने का अभियान काफी सुस्त है।
नगर निगम को 350 का लक्ष्य, पकड़े सिर्फ 42 पशु
नगर निगम को 350 पशुओं को पकड़ने का लक्ष्य मिला था, लेकिन डेढ़ माह बाद भी मात्र 42 पशु ही पकड़े जा सके हैं। जिला पशु चिकित्सा विभाग की ओर से नगर आयुक्त को दो बार पत्र भी भेजा जा चुका है। इसके बावजूद प्रगति काफी सुस्त है। नगर निगम के अधिकारी गोशाला में जगह नहीं होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। नगर निगम के पास तीन, नगर पालिका जलालाबाद के पास एक, तिलहर के पास एक और पुवायां के पास एक कैटल कैचर है। मिर्जापुर को छोड़कर 14 ब्लॉकों में एक कैटल कैचर है। एक कैटल कैचर नगर पंचायत कलान के पास और एक खुटार के पास है।
तीनों नगर पालिकाओं की स्थिति भी खराब
नगर पालिका जलालाबाद, तिलहर और पुवायां की स्थिति भी काफी खराब है। जलालाबाद नगर पालिका को 50 पशुओं को पकड़ने का लक्ष्य दिया गया है। इनमें सिर्फ 24 पशु ही पकड़े जा सके हैं। तिलहर नगर पालिका के पास भी लक्ष्य 50 का था, लेकिन केवल 19 पशुओं को पकड़ा जा सका है। पुवायां नगर पालिका को 100 पशुओं को पकड़ने का लक्ष्य दिया गया था लेकिन 39 पशुओं को ही पकड़ा गया।
नगर पंचायतों से अच्छे ब्लॉक
12 नगर पंचायतों को 1000 हजार पशुओं को पकड़ने का लक्ष्य दिया था, लेकिन अभी तक मात्र 258 पशु ही पकड़े जा सके हैं। खुटार, बंडा, कलान और निगोही में गोशाला नहीं होने की वजह से अभी तक पशुओं को पकड़ने का अभियान शुरू नहीं हो सका। हालांकि ब्लॉकों की स्थिति ठीक है। अभी तक सभी ब्लॉकों में 4,148 पशुओं को पकड़ा जा चुका है।
25 अस्थायी गो आश्रय स्थलों में आठ का निर्माण पूरा
अभियान शुरू होने से पहले 25 गो आश्रय स्थलों को बनाने का लक्ष्य रखा गया था। इनमें आठ का निर्माण हो चुका है। इसमें कलान क्षेत्र में पृथ्वीपुर कुबेरपुर और जहानाबाद, तिलहर क्षेत्र में महिरना वीरमपुर, कटरा-खुदागंज क्षेत्र में सुआ इंद्रपुर, तेहरा हसनापुर और कसरक, भावलखेड़ा क्षेत्र में सियुरा और सुजातपुर, कांट क्षेत्र में पुरैना, ददरौल क्षेत्र में कल्याणपुर चमरौरा, मदनापुर क्षेत्र में बौरी और मानपुर पिपरिया में गो आश्रय स्थलों का निर्माण हो चुका है। वर्तमान में 89 गो आश्रय स्थल हैं।
वर्जन-
पशुओं को पकड़ने का अभियान ग्रामीण क्षेत्र में ठीक चल रहा है। नगरीय क्षेत्रों में स्थिति खराब हैं। डीएम के माध्यम से नगर निगम और नगर पालिका और नगर पंचायतों को पत्र भेजा गया है कि गोवंशीय पशुओं को पकड़ने में तेजी लाएं। -डाॅ. मनोज कुमार अग्रवाल, सीवीओ
नगर निगम की गोशाला में पहले से ही दोगुने पशुओं को रखा गया है। पशुओं को रखने के लिए जगह नहीं है। इसके लिए डीएम से ग्रामीण क्षेत्र में कुछ गो आश्रय स्थलों की मांग की गई है, जहां पशुओं को पकड़कर भेजा जा सके। – संतोष कुमार शर्मा, नगर आयुक्त
छुट्टा पशुओं के हमले से गई जानें
– 12 दिसंबर को मदनापुर के गांव रजपुरा में अर्जुन श्रीवास्तव (32) की बाइक सांड़ से टकराई, मौत।
– 30 नवंबर को रोजा के पींग गांव में छुटकाई की पत्नी करिश्मा (60) की सांड के उठाकर पटकने से मौत।
– एक अक्तूबर को खुदागंज के खेड़ा नवादा निवासी दिव्यांग छोटे सिंह (30) पर लड़ते समय सांड़ गिर गया। दबकर मौत हो गई।
– 16 सितंबर को खुदागंज के गांव सिमौरा निवासी किसान जयवीर (50) को सांड़ ने उठाकर बहगुल नदी में फेंक दिया था।
– 12 मार्च को निगोही के अरेली गांव केे आकाश पाल (20) को सांड़ ने सींगकर मारकर घायल किया, बाद में मौत हो गई।
– 23 जनवरी को जलालाबाद के गांव कुंडरा के मजरा नौगवां में फसल की रखवाली करते समय रानी (50) की पशुओं के हमले में मौत।
– 12 जनवरी को हाईवे पर सांड़ों की लड़ाई के दौरान टक्कर लगने से लखीमपुर खीरी के सर्वेश कुमार की कंटेनर से कुचलकर मौत।