Shahjahanpur News: गर्मी में अनिद्रा, माइग्रेन और अवसाद की चपेट में आ रहे लोग

डॉ.रोहताश।
शाहजहांपुर। बढ़ता तापमान और उमस भरी गर्मी लोगों के मन-मस्तिष्क पर भी असर डाल रही है। गर्मी की वजह से लोग अनिद्रा, चिंता, माइग्रेन समेत कई रोगों की चपेट में आ रहे हैं। लगातार गर्म मौसम के चलते सर्दी की अपेक्षा दस प्रतिशत मरीजों में इजाफा हुआ है। मानसिक डॉक्टर की मानें तो बीमार का उपचार नहीं होने पर हालत बिगड़ सकती है।
मई और जून महीने में मौसम के बदले तेवर ने लोगों के पसीने छुड़ा दिए हैं। लगातार बढ़ रहे तापमान के बाद मानसिक रोगियों की संख्या में इजाफा होने लगा है। सर्द मौसम में जहां मानसिक रोग विभाग के मन कक्ष में कम रोगी आ रहे थे। गर्मी में इसकी संख्या बढ़ी है। मनोविश्लेषक डॉ.रोहताश ईशा के अनुसार, किसी भी स्थान के लिए सामान्य तापमान सीमा से पांच प्रतिशत का इजाफा होने पर मरीजों के मानसिक स्वास्थ्य पर काफी ज्यादा असर पड़ता है। गर्मी में सामान्य चिंता, आवेश विकार, डिप्रेशन, माइग्रेन आदि के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। गर्मी के चलते लोगों को अवसाद अपनी चपेट में ले रहा है। डॉ.रोहताश के अनुसार, मासिक औसत तापमान में प्रत्येक एक डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने पर मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ने लगता है।
दवाओं से गर्मी को किया जा सकता कम
आर्द्रता व तापमान बढ़ने से बाईपोलर विकार के मरीजों की स्थिति काफी खराब हो जाती है। डॉ. रोहताश ने बताया कि बीमारी की यह स्थिति भारी शारीरिक और मानसिक नुकसान का कारण बनती है। ऐसे मरीजों को अस्पताल में भर्ती तक करना पड़ जाता है। दवाओं से मरीज के अंदर की गर्मी को कम किया जा सकता है। कुछ दवाएं शरीर के तापमान के आधार पर अलग तरह से काम करती हैं।
40 मरीज प्रत्येक दिन राजकीय मेडिकल कॉलेज के मनकक्ष में पहुंच रहे हैं।
10 रोगी गर्मी के चलते अवसाद से पीड़ित होने के कारण आ रहे हैं।
10 प्रतिशत रोगी सर्दी की अपेक्षा मन कक्ष की ओपीडी में बढ़ोतरी हुई है।
गर्म में कई तरह की मानसिक रोगी बढ़ जाते हैं। गर्मी में स्पष्ट तरीके से सोच नहीं पाने से निराशा का भाव आ जाता है। ऐसे ही मरीज आक्रामक हो जाते हैं। उनका उपचार थैरेपी और दवा के माध्यम से किया जाता है।
– डॉ. रोहताश ईसा, क्लीनिकल मनोवैज्ञानिक, राजकीय मेडिकल कॉलेज