Shahjahanpur News: बारिश से किसानों के खिले चेहरे

खुटार पुवायां मार्ग पर गोमती नदी के पानी में डूबी फसलें
31.5 मिमी दर्ज की गई वर्षा, धान समेत सभी फसलों का होगा फायदा
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। कई दिनों के बाद मंगलवार को हुई बारिश ने उमस भरी गर्मी से राहत दी। वहीं बारिश न होने से खेत की नमी सूखने से फसल खराब होने से आशंकित किसानों के चेहरे भी खिल उठे। बारिश से धान समेत सभी फसलों को फायदा हुआ है। अनुमान है कि अगले चार दिन तक बारिश हो सकती है।
गन्ना शोध संस्थान के कृषि वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि मंगलवार को 31.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री और न्यूनतम 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि सोमवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 28.1 डिग्री सेल्सियस रहा था।
सोमवार के मुकाबले मंगलवार को अधिकतम तापमान में 6.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 4.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज गई। मौसम विभाग के मुताबिक अगले चार दिन तक बारिश होने की संभावना है।
खुटार। मंगलवार सुबह शुरू हुई बारिश से किसानों को काफी लाभ हुआ है। भीषण गर्मी में धान, गन्ने की फसल की सिंचाई पर हो रहा खर्च बच जाने से किसान खुश हैं।
पुवायां तहसील क्षेत्र में काफी क्षेत्रफल में धान और गन्ना खड़ा है। कुछ दिन पूर्व हुई बारिश से धान की रोपाई में काफी मदद मिली थी। इसके बाद भीषण गर्मी और उमस से खेत सूख गए। इससे फसल में रोग लगने का खतरा पैदा हो गया था। खेत सूखने से सिंचाई करने में छोटे किसानों को ज्यादा समस्या हो रही थी। पंपिंग सेट से सिंचाई पर भारी खर्च के चलते किसान परेशान थे।
बड़े किसान भी बिजली की ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज से सिंचाई ठीक से नहीं हो पाने पर परेशान थे। अब बारिश हो जाने से किसानों से राहत की सांस ली है, वहीं गर्मी से राहत मिली है।
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धान से लेकर सभी फसलों को बारिश से फायदा
कृषि विज्ञान केंद्र नियामतपुर के प्रभारी कृषि वैज्ञानिक डॉ. एनसी त्रिपाठी ने बताया कि करीब 12 दिन बाद बारिश हुई है। धूप की वजह से धान से लेकर अन्य फसलें सूखने लगीं थीं। बारिश से सबसे अधिक फायदा धान की फसल को हुआ है। गन्ना, तिलहनी, दलहनी फसलों के लिए भी बारिश फायदेमंद है।
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भैंसी नदी पुल के पास पहुंचे पानी से होकर निकल रहे वाहन
पुवायां। गोमती नदी में ज्यादा पानी आ जाने से आसपास की फसलें डूब गई हैं। फसलों के ऊपर से पानी बह रहा है। वहीं भैंसी नदी के पास भी रोड पर पानी भर जाने से आवागमन बंद हो सकता है।
थोड़ी बारिश होते ही खेतों का पानी भैंसी नदी के पुल के पास साइड रोड पर भर गया है। पुल निर्माणाधीन होने के कारण वाहन इसी साइड रोड से गुजरते हैं। अभी रोड पर दो से तीन फुट पानी भरा है। वाहन पानी से होकर निकल रहे हैं, लेकिन बारिश ज्यादा होती है तो आवागमन फिर से बंद हो सकता है। भैंसी नदी में केवल उन स्थानों पर पानी हैं, जो नीचे हैं। बड़े फार्मर नलकूप से धान की सिंचाई करते रहते हैं। बारिश होने पर ज्यादा पानी को नदी की ओर निकाल दिया जाता है।
उधर गोमती नदी के आसपास की फसलें पानी में डूब गईं हैं। इससे किसानों को नुकसान की चिंता सता रही है। किसानों का कहना है कि अगर पानी जल्द ही नहीं उतरा तो धान की फसल को नुकसान पहुंच सकता है। पहली बारिश में भी फसल कई दिन तक पानी में डूबी रही थी। कुछ जगहों पर धान की रोपाई दोबारा करानी पड़ी थी। संवाद
बिजली गिरने से भैंस मरी
खुटार। बारिश के बीच बिजली गिरने से गांव पिपरिया बिरसिंहपुर निवासी नन्हीं देवी की एक भैंस मर गई। संवाद

खुटार पुवायां मार्ग पर गोमती नदी के पानी में डूबी फसलें