शाहजहाँपुर

Shahjahanpur News: रुपये लेकर इलाज न करने पर मेडिकल कॉलेज के विभागाध्यक्ष की सेवा समाप्त

Connect News 24

शाहजहांपुर। 15 हजार रुपये लेने के बाद इलाज न करने के आरोप में राजकीय मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. मयंक शुक्ला की सेवा समाप्त कर दी गई है। इलाज न होने से बुजुर्ग महिला का पैर सूखने लगा था। सीएम पोर्टल पर शिकायत के बाद जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर प्राचार्य ने कार्रवाई की है।

कांट के महमंदपुर आजमाबाद निवासी होमगार्ड रामबहोरे शुक्ला फर्रुखाबाद में तैनात हैं। 28 जून 2022 को उनकी मां सत्यवती ऑटो से उतरते समय बाइक से टकराकर घायल हो गई थीं। हादसे के बाद छोटा बेटा अनुज शुक्ला उन्हें लेकर शाहजहांपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचा था।

रामबहोरे के मुताबिक मेडिकल कॉलेज में आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी इलाज शुरू नहीं किया। हड्डी रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. मयंक शुक्ला ने आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने में अधिक भागदौड़ होने की बात कहते हुए पैर में प्लेट और रॉड डालने के नाम पर 15 हजार रुपये की मांग की।

रामबहोरे ने बताया कि चार जुलाई 2022 को उन्होंने रुपये दे दिए। इसके बाद ऑपरेशन किया गया लेकिन रॉड और प्लेट नहीं डाली गई। उन्होंने इसकी शिकायत की तो डॉक्टर ने उन्हें फटकार दिया। इसके बाद वह कई बार दिखाने आए। कच्चा व पक्का प्लास्टर कर डॉ. मयंक टालते रहे। इस बीच उन्होंने राजकीय मेडिकल कॉलेज के दूसरे डॉक्टर को दिखाया तो उसने पैर नहीं जुड़ने की बात स्पष्ट कर दी।

डॉक्टर के लगातार टालने के बाद जनवरी में बंथरा स्थित मेडिकल कॉलेज में दोबारा ऑपरेशन कराया। तब उनका पैर ठीक हुआ। डॉक्टर की लापरवाही को लेकर रामबहोरे शुक्ला ने मुख्यमंत्री तक अपनी शिकायत दर्ज कराई।

सीएम पोर्टल पर शिकायत के बाद प्राचार्य ने कमेटी गठित कर जांच शुरू कराई। इसके बाद डॉ. मयंक शुक्ला की संविदा समाप्त कर दी गई है। डॉ. मयंक से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनका मोबाइल बंद था। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया है।

आयुष्मान कार्ड के नाम पर गिना दिए थे कई नियम

– राजकीय मेडिकल कॉलेज में इलाज मुफ्त होता है लेकिन रॉड और प्लेट डालने पर सामान्य धनराशि ली जाती है। रामबहोरे ने बताया कि आयुष्मान कार्ड होने की बात कहने पर डॉ. मयंक शुक्ला ने कई नियम समझा दिए थे। उन्होंने बताया था कि सत्यवती के अंदर खून की कमी है। रामबहोरे फर्रुखाबाद में तैनात होने के चलते इतनी भागदौड़ नहीं कर पाएंगे।

बाहर से मंगवाईं दवाएं

– होमगार्ड रामबहोरे ने आरोप लगाया कि डॉ. मयंक शुक्ला ने बाहर से दवाएं लिखीं और अपने तय मेडिकल स्टोर से दवाएं मंगाई। इसी तरह अस्पताल के अंदर एक्स-रे भी नहीं कराया। अस्पताल के सामने स्थित एक सेंटर से कई एक्स-रे कराए।

कोर्ट जाएगा पीड़ित

– संविदा पर कार्यरत डॉ. मयंक शुक्ला के खिलाफ शिकायत करने के बाद रामबहोरे ने जांच के दौरान कई जगह पर अपने बयान दर्ज कराए थे। रामबहोरे ने बताया कि वह अदालत का दरवाजा भी खटखटाएंगे। वह अदालत में परिवाद दायर करेंगे।

– डॉ. मयंक शुक्ला के खिलाफ आरोपों की जांच प्राचार्य की ओर से गठित कमेटी ने की थी। इसके बाद डॉ. मयंक की सेवा समाप्त कर दी गई है। – डॉ. शैलेंद्र, सीएमएस


Connect News 24

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button