Shahjahanpur News: बुजुर्ग की मौत के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज में हंगामा

राजकीय मेडिकल कॉलेज में हंगामा करते परिजन। संवाद
शाहजहांपुर। लखीमपुर खीरी जिले के थाना पसगवां के गांव अजबापुर निवासी रामचंद्र (52) की राजकीय मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर में इंजेक्शन लगने के कुछ देर के बाद मौत हो गई। नाराज परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया। डॉक्टर द्वारा अभद्रता करने से भड़के परिजनों ने अस्पताल गेट पर शव रखकर हंगामा किया। पुलिस ने किसी तरह मामले को शांत किया।
रामचंद्र की सांस फूलने पर शनिवार को दोपहर करीब तीन बजे राजकीय मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था। उसे इंजेक्शन लगाया गया। परिजनों का आरोप है कि उनसे एक हजार रुपये भी लिए गए। इसके बाद रामचंद्र को तीसरी मंजिल पर वार्ड में शिफ्ट कर दिया। परिजन स्ट्रेचर से उन्हें लेकर जा रहे थे। बेड तक पहुंचने से पहले ही रामचंद्र की मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया। पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को शांत कराया।
बताते हैं कि मृतक के परिजनों ने सरकारी एंबुलेंस से शव को गांव तक भिजवाने की गुहार लगाई, जिस पर डॉक्टर ने निजी एंबुलेंस से शव ले जाने के लिए कहा। परिजन शव को स्ट्रेचर से लेकर अस्पताल के गेट पर आए और वहीं पर हंगामा शुरू कर दिया। डॉक्टरों को जमकर खरी-खोटी सुनाई। हंगामा बढ़ता देखकर अस्पताल चौकी की पुलिस ने आकर समझाया। उसके बाद अजीजगंज चौकी से स्टाफ को भी बुलाया गया। करीब एक घंटे के बाद पुलिस ने समझाकर शांत किया। परिजनों ने पोस्टमार्टम से इन्कार कर दिया। पुलिस ने डॉक्टर से वार्ता कर सरकारी एंबुलेंस से शव को गांव भिजवाया है।
तीन दिन में दो लोगों की मौत
राजकीय मेडिकल कॉलेज में तीन दिन में दो लोगों की मौत हो चुकी है। 20 जुलाई को दोपहर में सेहरामऊ दक्षिणी थाना क्षेत्र के गांव जलालपुर निवासी प्रताप की पित्त की थैली में पथरी के ऑपरेशन के बाद मौत हो गई। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था।
डॉक्टरों की भाषा शैली ठीक नहीं
ड्यूटी करने के दौरान डॉक्टरों की भाषा शैली ठीक नहीं होने के कारण भी मरीजों के सब्र का बांध टूट जाता है। शनिवार को रामचंद्र की मौत के बाद भी डॉक्टर ने पीड़ित परिजनों से सही तरीके से बातचीत नहीं की थी।
हमारे पास लिखित में कोई सूचना नहीं है। लिखित में आने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। डॉक्टरों की भाषा शैली को लेकर भी प्राचार्य से बातचीत कर सुधार कराया जाएगा।
– डॉ. नेपाल सिंह, सीएमएस

राजकीय मेडिकल कॉलेज में हंगामा करते परिजन। संवाद

