स्ट्रीट लाइट घोटाला : हर ग्राम पंचायत से वसूले गए दस हजार रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Fri, 23 Jun 2023 11:21 PM IST
पीलीभीत। चर्चित स्ट्रीट लाइट घोटाले में अधिकारी प्रधानों और सचिवों को बचाने में हुई वसूली को लेकर आरोपों को सिरे से खारिज करते रहे लेकिन अब बीसलपुर की एक महिला की मंडलायुक्त से शिकायत में इसका भेद खुल गया है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सीडीओ ने इसकी जांच शुरू कर दी है।
बीसलपुर के मोहल्ला दुर्गा प्रसाद की रहने वाली अंजू वर्मा ने शिकायती पत्र में पंचायत विभाग के कनिष्ठ सहायक पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इसमें स्ट्रीट लाइट घोटाले में भी प्रधानों को धमकाकर प्रत्येक ग्राम पंचायत से दस हजार रुपये की वसूली करने की बात भी कही गई है। आरोप है कि 100 ग्राम प्रधानों से रुपये वसूल किए गए। बाबू की ओर से अपने ही चहेते लोगों की फर्मों से ग्राम पंचायतों में लाइटें लगवाई गई थी, उन्हीं को बचाया जा रहा है। उक्त मामला मुख्य विकास अधिकारी ने पकड़ा तो छानबीन शुरू कराई, लेकिन जिला पंचायत राज अधिकारी से सांठगांठ होने चलते कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। महिला ने उक्त गंभीर प्रकरण में बाबू के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। मुख्य विकास अधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया मामले में जांच कराई जा रही है। मामला सही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
क्या था मामला
वर्ष 2021-22 में ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट लाइटें लगवाई गईं थीं। पहले तो लाइटों की खरीद में ही खेल हुआ। इसके बाद स्ट्रीट लाइटें लगाने में घपला किया गया। पहली जांच में 249 ग्राम पंचायतें शक के घेरे में आईं थीं। जांच रिपोर्ट पर नोटिस देने और उनके जवाब आने में डेढ़ साल बीत गए। इसके बाद सीडीओ ने पत्रावली में खामियां बताकर वापस भेज दिया गया। संशोधन के बाद फाइल फिर से डीएम के पास भेजी गई तो 180 ग्राम पंचायतों पर आरोप तय किए गए। 97 ग्राम पंचायतों को क्लीनचिट दे दी गई थी।