सुप्रीम कोर्ट का फैसला सुधार की ओर सार्थक कदम : ब्रजेश गुप्ता

एसएस लॉ कॉलेज में आयोजित परिचर्चा में बोलते व मंचासीन अतिथि। संस्था
शाहजहांपुर। एसएस लॉ कॉलेज में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) की ओर से ”अनुच्छेद 370 एवं 35 क पर उच्चतम न्यायालय का निर्णय” विषय पर परिचर्चा हुई।
मुख्य अतिथि सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ब्रजेश कुमार वैश्य ने कहा कि अनुच्छेद 370 व 35 क एक अल्पकालीन प्रावधान है लेकिन पूर्व के नेताओं ने इसे बनाए रखा, जोकि गलत था। इस संदर्भ में देश के उच्चतम न्यायालय का निर्णय सुधार की ओर सार्थक कदम है। विशिष्ट अतिथि डॉ. आलोक सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सामाजिक विविधता पर आघात पहुंचाते हुए एक ही संस्कृति को उस पर थोपने का प्रयास किया गया। अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. अवनीश मिश्रा ने कहा कि कश्मीर भारत का एक अभिन्न अंग है और अनुच्छेद 370 इस परिकल्पना पर एक धब्बा था। प्राचार्य डॉ. जयशंकर ओझा ने अनुच्छेद 370 को इतिहास की एक त्रुटि बताया। प्राध्यापक मृदुल शुक्ला, परास्नातक छात्र सूबेदार मेजर, मृदुल मिश्रा ने भी विचार रखे। इस मौके पर डॉ. दीप्ति गंगवार, डॉ. अनिल कुमार, रंजना खंडेलवाल, डॉ. पवन गुप्ता, डॉ. अमित यादव, डॉ. प्रेम सागर, अशोक कुमार, मृदुल शुक्ला, विजय सिंह, डॉ. अमरेंद्र सिंह, सचिन कुमार, अजीत यादव, चंद्रशेखर मिश्रा, अरविंद, प्रियंक वर्मा, अपर्णा चौहान, रूपल मिश्रा, डॉ. ज्योत्सना गुप्ता आदि मौजूद रहे।