दुआ भी नहीं करने दे रही हुकूमत : तौकीर
बरेली। इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खां ने शुक्रवार को नजरबंदी जैसे माहौल में 700 लोगों के साथ नौ महला मस्जिद पहुंचकर फलस्तीनियों के हक में सामूहिक दुआ की। इसके बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि हुकूमत दुआ भी नहीं करने दे रही है। भाजपा को अमन की दुआ से भी दिक्कत है, ये अफसोस की बात है।
फलस्तीनियों के हक में दुआ का कार्यक्रम इस्लामिया इंटर कॉलेज के मैदान पर होना था पर बाद में जगह बदल दी गई। मीडिया से बातचीत व मस्जिद में तकरीर के दौरान मौलाना ने इन्हीं बातों को उठाया। कहा कि प्रशासन ने दुआ का स्थान बदला, फिर बैरिकेडिंग कर हमारे लोगों को कार्यक्रम में आने से रोका। मौलाना ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने फलस्तीन के लोगों को रसद पहुंचकर अच्छा काम किया है। वहीं, इस्लामिया मैदान पर कार्यक्रम न होने पर भाजपा को जिम्मेदार ठहराते हुए निंदा की।
मौलाना ने कहा कि फलस्तीन के लोगों को पैसे की जरूरत नहीं है। वहां दुकानें और सामान ही खत्म हो गया है। जो लोग फलस्तीनियों की मदद करना चाहते हैं, वह पैसा न भेजें। वहां के लिए जरूरी सामान व दवाएं आदि भिजवाने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार के संबंधित जिम्मेदारों से बात करेंगे। उन्होंने कहा कि जानकारी मिली है कि कई लोग अकाउंट नंबर जारी कर सोशल मीडिया के जरिये फलस्तीन के नाम पर चंदा मांग रहे हैं। ऐसे लोगों को कतई चंदा न दें।
मौलाना ने कहा कि फलस्तीन में घायलों के इलाज की व्यवस्था भी नहीं है। वहां अस्पताल भी धमाकों से उड़ा दिए गए हैं। दुनिया के बाकी देश इस बर्बादी को देख रहे हैं। खासतौर से अरब देशों की ज्यादा जिम्मेदारी है। इसके बावजूद वह इंसानियत का कत्ल देख रहे हैं। वह दिल्ली में अरब देशों के दूतावासों के सामने प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराएंगे। उन्होंने केंद्र सरकार से इस्राइल से संबंध खत्म करने की मांग भी उठाई।
इन्होंने भी की दुआ
फलस्तीनियों के लिए मुफ्ती कफील हाशमी ने दुआएं कीं। हजरत निजामुद्दीन औलिया आस्ताने के सज्जादानशीन हाफिज सैयद अहमद निजामी मियां, मौलाना सैयद असलम मियां वामिकी के अलावा आईएमसी के डॉ. नफीस खान, मुनीर इदरीसी, नदीम खान, अफजल बेग आदि मौजूद रहे।
आईएमसी पदाधिकारियों के घरों के बाहर पुलिस का डेरा
मौलाना तौकीर रजा खान समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के घरों के बाहर सुबह से ही पुलिस ने डेरा डाल रखा था। आईएमसी नेता डॉ. नफीस खान, मुनीर इदरीसी, नदीम खान आदि के घरों के बाहर भी फोर्स तैनात रहा। नजरबंदी जैसा माहौल था, हालांकि किसी के आने-जाने पर रोक नहीं लगाई गई। दोपहर ढाई बजे मौलाना तौकीर के साथ ये लोग कार से नौ महला मस्जिद की ओर रवाना हुए।
आईएमसी नेताओं के घरों से लेकर मस्जिद तक 500 पुलिसकर्मी लगाए गए थे। कोतवाल डीके शर्मा के साथ ही शहर के छह थानों के प्रभारी भी अलग-अलग प्वाइंट पर तैनात रहे। जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई थी। खुफिया अमला भी सक्रिय रहा। एडीजी, आईजी व एसएसपी भी स्थानीय अमले के संपर्क में रहे। दंगा नियंत्रण का साजो सामान भी तैयार था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक 400 लोग हर शुक्रवार को इस मस्जिद में नमाज अदा करते हैं। इस बार यह संख्या 700 हो गई थी।



