सोने की खरीदारी करने का ये अच्छा समय? 2500 रुपये तक गिरे दाम, अब 60 हजार के नीचे
सोने का भाव 60000 रुपए से नीचे: सोने की कीमत में पिछले कुछ समय से गिरावट देखी जा रही है। इस कारण पीली धातु की कीमत 10 ग्राम के लिए 60 हजार रुपये के नीचे आ चुकी है। हालांकि पिछले महीने के दौरान सोने के बांध में लगातार अटका हुआ था और इस वजह से सोना 60 हजार रुपये के ऊपर कारोबार कर रहा था।
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान सोने का रिकॉर्ड दर्ज किया गया था और पिछले महीने में 61,800 रुपये पर जा चढ़ा था। हालांकि अब इसके दाम में 2500 प्रति 10 ग्राम तक की गिरावट आ चुकी है। सोने के डैम में गिरावट डॉलर में अस्पष्टता के कारण हुई है।
रिद्दीसिद्धि बुलियन (आरएसबीएल) के एमडी पृथ्वीराज कोठारी ने कहा कि 13 जून को यूएस फेड की बैठक से पहले सोने की सेल 60,000 रुपये के नीचे है। ऐसे में फेड मीटिंग में लिए गए जजमेंट का असर सोने की कीमत पर दिख सकता है। फेड जून की जिद में फसने जा रहा है कि व्याज दर रोक सकता है। जानकारों का मानना है कि सोना बुल रन के लिए 60 हजार रुपये का आधार बना है।
सोना होगा और कमजोर?
चादर का आभास होता है कि पारंपरिक रूप से सोने के लिए एक कमजोर मौसम है, क्योंकि पीली धातु की मांग को बढ़ावा देने के लिए निकट भविष्य में कोई महत्वपूर्ण कारक नहीं है। वहीं यूएस फेड की होने वाली बैठक के परिणाम में सोने की कीमत प्रभावित होने से जुड़े हुए अनजाने में एक स्पष्ट तस्वीर पेश कर सकते हैं।
इस वजह से बढ़ सकती है सोने की कीमत
जानकार का कहना है कि डॉलर 104.50 के स्तर को बनाए रखने में सक्षम नहीं है। ऐसे में अमेरिका में बेरोजगारी दर और अमेरिकी बेरोजगारी संख्या फेड की ओर से ब्याज दर को कुछ हद तक रोका जा सकता है। इसका मतलब ये होगा कि दही के सारे में यह सब हो सकता है।
सोना जाने का अनुमान
जानकार के अनुसार सोना 58,600 रुपये के स्तर से नीचे जा सकता है। हालांकि इसके बाद यह तेजी से जा सकता है और 61,440 रुपये के करीब पहुंच सकता है। इसके ऊपर अगले स्तर 62,500 रुपये और 63,650 रुपये को छू सकता है।
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