मेला ककोड़ा : इस बार तीन लाख वर्ग मीटर ज्यादा रहेगा क्षेत्रफल

मेला ककोड़ा में सड़क पर मिट्टी डालने को जेसीबी से की जा रही खुदाई। संवाद
कादरचौक। मेला ककोड़ा में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या पिछले सालों की तुलना में ज्यादा रहने की संभावना है। लिहाजा जिला पंचायत ने मेले का क्षेत्रफल तीन लाख वर्ग मीटर बढ़ाने का फैसला किया है। पिछले साल 12 लाख वर्ग मीटर क्षेत्रफल में मेला लगा था।
रुहेलखंड के मिनी कुंभ के नाम से प्रसिद्ध मेला ककाेड़ा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। मेले में इस साल श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। ऐसे में मेले का क्षेत्रफल कम न पड़ जाए, इसलिए इसमें वृद्धि का निर्णय लिया गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष वर्षा यादव ने मेला ककोड़ा की तैयारियों का जायजा लेने के बाद ही अधिकारियों को क्षेत्रफल बढ़ाने के निर्देश दे दिए थे।
अपर मुख्य अधिकारी ने अधीनस्थों के साथ बैठक कर तय किया कि इस बार मेला 12 लाख वर्ग मीटर के बजाय 15 लाख वर्ग मीटर क्षेत्रफल में लगाया जाएगा। तीन लाख वर्ग मीटर क्षेत्रफल बढ़ जाने से श्रद्धालुओं को काफी राहत मिलेगी। आवागमन में भी कोई असुविधा नहीं होगी। हालांकि क्षेत्रफल बढ़ने पर मेले में अतिरिक्त व्यवस्थाएं जुटानी होंगी।
जोन और सेक्टर भी बढ़ाए
मेले का क्षेत्रफल बढ़ने के साथ ही जोन और सेक्टर की संख्या में भी बढ़ोतरी कर दी गई है। पहले मेले को पांच जोन में बांटा गया था। इस बार छह जोन बनाए गए हैं। सेक्टर भी 10 से बढ़कर 11 हो गए हैं। अब इसी के हिसाब से अधिकारियों, कर्मचारियों की ड्यूटी मेले में लगाई जाएगी।
मुख्य सड़क तैयार
काली सड़क से उतरते हुए मेला ककोड़ा को जाने वाला मुख्य मार्ग बन कर तैयार हो गया है। यह मार्ग गंगाघाट तक बनाया गया है। दिवाली के तुरंत बाद मेले में दुकानदारों और खेल-तमाशे वालों का पहुंचना शुरू हो जाता है। प्रवास के लिए श्रद्धालु भी देवोत्थान एकादशी से पहले पहुंचने लगते हैं। मेला स्थल पर आने-जाने में श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत न हो, इसलिए मुख्य मार्ग सिक्स लेन बनाया गया है।

मेला ककोड़ा में सड़क पर मिट्टी डालने को जेसीबी से की जा रही खुदाई। संवाद