Bareilly News: रजिस्ट्री ऑफिस से तीन लाख रुपये की लूट
फरीदपुर। गुर्गों के साथ कार से आया बदमाश रजिस्ट्री ऑफिस से 3.05 लाख रुपये लूट ले गया। सूचना पर एसपी देहात सहित अन्य अधिकारी और पुलिस पहुंच गई। सीसीटीवी फुटेज में मुख्य आरोपी की तस्वीर कैद हुई है। देर रात तक मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी थी।
रजिस्ट्री ऑफिस में मंगलवार दिनभर हुई रजिस्ट्री के दौराान वसले गए एक प्रतिशत सरकारी शुल्क के रुपये कैश पेटी में रखे थे। शाम 6:30 बजे एक बदमाश दफ्तर में आया। वह पहले गेट के बाहर अधिवक्ता के खाली तख्त पर बैठकर अंदर कैश पेटी के पास बैठे बाबू रोहित सक्सेना पर नजर बनाए रहा। रोहित किसी काम से अंदर गए तो बदमाश रजिस्ट्री ऑफिस में घुस गया। वह कैश पेटी उठाकर भागने लगा। रजिस्ट्री दफ्तर के कर्मचारी भी उसका पीछा करते हुए दौड़े।
डायट रोड पर स्टार्ट खड़ी सफेद रंग की कार में बैठकर बदमाश फरार हो गया। कार में पहले से उसके दो गुर्गे सवार थे। तीनों कार से शाहजहांपुर की तरफ भाग निकले। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली। कैश पेटी लूटने वाले बदमाश की तस्वीर पुलिस ने निकाल ली है। एसपी ग्रामीण राजकुमार अग्रवाल ने भी मौके पर पहुंचकर फुटेज देखी। उन्होंने जल्द लुटेरों को गिरफ्तार कर खुलासे की बात कही।
बदमाशों के हाथ में असलहे देख भागे कर्मचारी
लूट के लिए बदमाशों ने सुनियोजित योजना बनाई थी। उनके पास हथियार भी थे। उन्होंने कार स्टार्ट रखी थी। दो बदमाश गाड़ी में बैठे रहे। लाल रंग का गमछा सिर पर डाले बदमाश ने रजिस्ट्री ऑफिस में घुसकर कैश पेटी लूट ली। उसका पीछा करते कर्मचारी कार के पास पहुंचे तो बदमाशों के हाथ में असलहे देखकर भाग खड़े हुए। हालांकि इनमें से कुछ कर्मचारियों ने हिम्मत करके बदमाशों का पीछा करने के लिए कार और बाइक निकाली पर तब तक बदमाश भाग गए।
मंगलवार को हुए थे 38 बैनामे
रजिस्ट्री ऑफिस के कर्मचारियों के अनुसार मंगलवार को 38 बैनामे हुए थे। प्रॉपर्टी की खरीदारी करने वाले व्यक्ति से सरकारी रसीद का एक प्रतिशत शुल्क लिया जाता है। पूरे दिन का 38 बैनामो का शुल्क पेटी में रखा था। पांच बजे आखिरी बैनामा हुआ। बैनामे के बाद उसकी प्रतिलिपि कंप्यूटर से निकाली जा रही थी। इसी दौरान बदमाशों ने लूट को अंजाम दिया।
स्थानीय व्यक्ति की संलिप्तता का संदेह
घटनाक्रम का तरीका और पुलिस की पड़ताल से माना जा रहा है कि भले ही बाहरी बदमाशों ने लूट की हो पर स्थानीय व्यक्ति की मदद के बिना यह संभव नहीं था। एक बदमाश का गेट पर बैठे रहने और मौका पाते ही कैश पेटी उठाकर भाग जाने से लग रहा था कि उसे या तो इस वक्त तक अधिकतम नकदी मिलने की उम्मीद थी या फिर नकदी छोड़कर कर्मचारियों के इधर-उधर जाने का अंदाजा था। रजिस्ट्री ऑफिस के बाहर अधिवक्ताओं के चैंबर बने हुए हैं। वहां अक्सर भीड़ रहती है। रजिस्ट्री ऑफिस के सामने ही सीओ का कार्यालय है। हालांकि शाम के वक्त गिनती के ही लोग वहां थे।



