UP Nikay Chunav 2023: बरेली में भाजपा-सपा में कड़ी टक्कर, बसपा-कांग्रेस को चमत्कार की उम्मीद

बरेली नगर निगम
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बरेली में आज मतदान है। ठीक दो दिन बाद 13 मई चुनाव परिणाम सामने होंगे। चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी मतदाताओं के बीच पिछले करीब एक महीने से प्रचार करने में लगे हुए थे। अब मतदाताओं की बारी है। वह अपने वोट से इनका भाग्य लिखेंगे। वैसे तो नगर निगम में कुल 13 प्रत्याशी मैदान में हैं, मगर प्रमुख दलों की बात करें तो भाजपा और सपा समर्थित प्रत्याशी में सीधी टक्कर दिखाई दे रही है तो बसपा और कांग्रेस अपने वोटरों की रणनीति के आधार पर चमत्कार की उम्मीद कर रहे हैं।
नगर निगम मेयर सीट पर भाजपा प्रत्याशी उमेश गौतम और सपा के समर्थित प्रत्याशी डॉ. आईएस तोमर के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है। उमेश गौतम निवर्तमान मेयर हैं और भाजपा ने दूसरी बार मैदान में उतारा है। उधर डॉ. तोमर दो बार मेयर रह चुके हैं और इस बार निर्दलीय मैदान में उतरे थे। बाद में सपा ने नाटकीय घटनाक्रम में अपने प्रत्याशी संजीव सक्सेना का पर्चा वापस करवाकर डॉ. तोमर को समर्थन दे दिया।
2017 में जीते थे उमेश गौतम
2017 के चुनाव में उमेश गौतम ने सपा से मैदान में उतरे डॉ. आईएस तोमर को हराया था। इसमें भाजपा को 1 लाख 39 हजार 127 वोट मिले थे जबकि सपा के डॉ. तोमर को 1 लाख 23 हजार 211 वोट मिले थे। इस बार भी मुकाबला इसी तरह का करीबी होने की उम्मीद दिखाई दे रही है। हालांकि मुस्लिम वोटरों की खामोशी और बीच-बीच में बड़े मुस्लिम नेताओ के बयानों से हिंदू वोटों के ध्रुवीकरण के आसार बढ़ गए हैं।
वहीं बसपा प्रत्याशी युसूफ जरीवाला दलित-मुस्लिम समीकरण से चमत्कार की उम्मीद लगाए बैठे हैं। बसपा ने मुस्लिम प्रत्याशी उतारने के साथ ही यह संदेश साफ कर दिया था कि वह मुस्लिम और दलित गठजोड़ पर चुनाव में आगे बढ़ने वाली है। तो वहीं कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. केबी त्रिपाठी अपनी बिरादरी के साथ पार्टी के कैडर वोटों के सहारे अपना दावा मजबूत बता रहे हैं। बड़े मुस्लिम नेताओं की बयानबाजी को वह अपने लिए अवसर के रूप में देख रहे हैं।



