UP Nikay Chunav: तीन मंत्रियों के शहर में महापौर का चुनाव भाजपा के लिए बना प्रतिष्ठा का सवाल

हनुमत धाम, शाहजहांपुर
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शाहजहांपुर के इतिहास में 13 मई को पहले महापौर का नाम दर्ज हो जाएगा। 31 नगर पालिका अध्यक्ष देखने के बाद पहली बार महापौर का चुनाव होने जा रहा है। मुख्य मुकाबला भले ही सपा और भाजपा के बीच नजर आ रहा है लेकिन अन्य प्रत्याशी भी चौंका सकते हैं। प्रदेश सरकार के तीन मंत्री शहर के होने के कारण महापौर की सीट भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बनी हुई है।
वर्ष 2018 में नगर पालिका परिषद से नगर निगम बनने के बाद पहली बार हो रहे महापौर के चुनाव में आठ प्रत्याशी मैदान में हैं। नगर पालिका से नगर निगम बनने के बाद के हालात की तुलना करें तो शहर की दशा पर कोई खास फर्क नहीं पड़ा है। टैक्स की मार बढ़ी है, कूड़ा निस्तारण के दावे खोखले साबित हुए हैं। सड़कें पहले से भी ज्यादा बदतर स्थिति में हैं। छुट्टा जानवर चौराहों पर बसेरा बनाए हैं। लोगों को महापौर से तमाम उम्मीदें हैं।
संबंधित खबर- UP Nikay Chunav: चुनाव लड़ रहीं बहुएं… दांव पर लगी ससुर की प्रतिष्ठा; इन सीटों पर है मुकाबला
नगर निगम बनने से पहले नगर पालिका परिषद अध्यक्ष पद पर समाजवादी पार्टी का कब्जा रहा है। वर्ष 2002 से 2017 तक सपा के तनवीर खां लगातार तीन बार चेयरमैन रहे। 2017 के चुनाव में महिला सीट होने पर तनवीर खां की मां जहांआरा ने भाजपा प्रत्याशी नीलम प्रसाद को हराकर सीट पर सपा का कब्जा बरकरार रखा, लेकिन कुछ समय बाद ही नगर निगम बनने पर नगर पालिका बोर्ड भंग हो गया। नगर पालिका में जहां 44 वार्ड थे, वहीं अब नगर निगम में 60 वार्ड हो चुके हैं। नगर निगम में अफसरशाही हावी रहने से जनता को जरूर नुकसान उठाना पड़ा।
