UP: दो महीने से छात्रा को परेशान कर रहे थे शोहदे, शिकायत पर भी पुलिस से नहीं की थी कार्रवाई

अस्पताल में भर्ती पीड़िता
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बरेली के सीबीगंज थाना क्षेत्र में छात्रा को ट्रेन के सामने फेंकने की घटना अनायास नहीं हुई, शोहदे उसे करीब दो महीने से रास्ते में रोककर परेशान कर रहे थे। आरोपियों के परिवार और पुलिस से की गई शिकायत पर भी कोई गौर नहीं दिया गया। इसी कारण शोहदों के हौसले इतने बुलंद हो गए कि उन्होंने छात्रा को ट्रेन के आगे फेंक दिया। छात्रा के दोनों पैर और एक हाथ कट गया। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया है। पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपए की सहायता राशि की घोषणा की है। घायल छात्रा के इलाज का खर्चा भी प्रशासन उठाएगा। इधर, मामले में मुख्य आरोपी समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। थाने के इंस्पेक्टर समेत तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल से निलंबित कर दिया गया है।
जिस छात्रा के साथ घटना हुई, वह पिछड़ी जाति के परिवार से ताल्लुक रखती है। उसकी ताई इस समय गांव की प्रधान हैं। गांव निवासी एक युवक उसे करीब दो महीने से परेशान कर रहा था। वह अपने दोस्तों के साथ अक्सर रास्ते में उसे रोक लेता था। छात्रा के साथ ही अन्य लोगों ने उसकी शिकायत परिजनों से की। बताते हैं कि शुरू में छात्रा के परिजनों ने अपने परिवार में प्रधानी होने की वजह से शिकायत से बचाव किया पर सिर के ऊपर से पानी गुजरने पर आरोपी के परिजनों से शिकायत की। उन्होंने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। परिवार ने पुलिस से भी शिकायत की पर सीबीगंज थाना पुलिस ने गांव में जाकर जांच पड़ताल करना भी मुनासिब नहीं समझा।
इसका नतीजा ये हुआ कि छात्रा अब जीवन के लिए संघर्ष कर रही है। अब छात्रा का परिवार भी अफसोस कर रहा है कि समय रहते ही अधिकारियों से शिकायत क्यों नहीं की गई। छात्रा के अधिवक्ता चाचा ने बताया कि उन्हें इस तरह की घटना का जरा भी आभास नहीं था।



