Weather: बरेली में आठ साल बाद कम तपे मई और जून के महीने, बारिश ने पहुंचाया सुकून; जानें जुलाई का हाल

आसमान में छाए काले बादल
– फोटो : अमर उजाला
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बरेली में आठ साल बाद रिमझिम फुहारों ने मई-जून की तपिश में सुकून पहुंचाया। मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक वर्ष 2014 के बाद समुद्री चक्रवातों से मानसून की सक्रियता प्रभावित होती रही। तपिश के चलते लोग पसीने से तरबतर होते रहे। इस साल मई-जून में तुलनात्मक रूप से कम गर्मी पड़ी। जुलाई में भी राहत के आसार हैं।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विशेषज्ञ अतुल के मुताबिक शुरुआत में इस साल भी विषम स्थितियां प्रतीत हुईं। अलनीनो सक्रिय हुआ पर हिंद महासागर द्विध्रुव से सक्रिय दक्षिण-पश्चिम मानसून ने नकारात्मक प्रभाव को कम करने में अहम भूमिका निभाई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर इसका सीधा असर पड़ा।
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पश्चिमी विक्षोभ 35 डिग्री से ऊपर होने से कुछ दिन तक ही लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा। मानसून सामान्य अथवा सामान्य से ज्यादा सक्रिय होने का पूर्वानुमान है। बताया कि इस साल मई में 110 मिमी और जून में 123 मिमी बारिश हुई है। पिछले वर्षों में मई में औसतन 46 मिमी और जून में 72 मिमी बारिश दर्ज की जा रही थी। इसी दौरान साल 2015-2022 तक मई का औसत तापमान 37 डिग्री और जून का 39 डिग्री दर्ज हुआ था।



