विश्व हेपेटाइटिस दिवस: टैटू बनवाने का शौक… बना सकता है हेपेटाइटिस का शिकार; ऐसे करें बचाव

सांकेतिक तस्वीर
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टैटू बनवाने का क्रेज आपको हेपेटाइटिस का शिकार बना सकता है। बरेली के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. वागीश वैश्य ने बताया कि टैटू दिखने में जितना ट्रेंडी और अच्छा लगता है, उतना ही हानिकारक हो सकता है। लोगों को लगता है कि टैटू बनवाने से त्वचा संबंधित परेशानियां ही होती होंगी, लेकिन इसमें प्रयोग होने वाली सुई और टॉक्सिक इंक्स के कारण हेपेटाइटिस बी या सी जैसी बीमारी भी हो सकती है। टैटू गुदवाने वाली निडिल को स्टरलाइज भी नहीं किया जाता है। एक अध्ययन के अनुसार हेपेटाइटिस से पीड़ित 55 प्रतिशत लोगों के शरीर पर टैटू गुदा हुआ मिला है।
इसलिए होती है खून देने में समस्या
अक्सर देखा गया है कि टैटू बनवाने वाले लोगों के रक्तदान में समस्या होती है। इसका कारण यही है कि उनके हेपेटाइटिस बी, सी व एचआईवी से संक्रमित होने की आशंका होती है। इसलिए रक्तदान से पहले टैटू बनवाने वाले लोगों को अलग से जांच करानी पड़ती है।
जानिए, क्या है हेपेटाइटिस
हेपेटाइटिस एक लिवर संबंधित बीमारी है। यह वायरल इंफेक्शन के कारण होता है। इसमें लिवर में सूजन आ जाती है। हेपेटाइटिस ए,बी, सी, डी और ई कुल पांच प्रकार की होती है।



