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Bareilly News: छात्र संख्या बढ़ाने का भर रहे दम, 80 फीसदी स्कूलों में शिक्षक कम

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बरेली। परिषदीय स्कूलों में 27 जून से अवकाश खत्म हो रहा है। जिले के 2,483 परिषदीय स्कूलों में करीब चार लाख विद्यार्थी हैं, लेकिन उनको पढ़ाने के लिए सिर्फ 11,731 शिक्षकों (2,000 प्रधानाध्यापक, 6,400 सहायक अध्यापक, 2,844 शिक्षामित्र, 487 अनुदेशक) की ही तैनाती है। यह संख्या मानक से काफी कम है। इसके चलते कई स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। शासन स्तर से साल 2015-16 के बाद नई नियुक्तियां नहीं की गई हैं, जबकि हर साल शिक्षक सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इससे जहां स्कूल बदहाल हैं, वहीं निपुण लक्ष्य भी प्रभावित हो रहे हैं।

ये है तैनाती का हाल

80 फीसदी स्कूलों में शिक्षकों की संख्या मानक से काफी कम है। जिले के 150 स्कूल एकल शिक्षकों के सहारे चल रहे हैं। अन्य ब्लॉकों की अपेक्षा नगर क्षेत्र की स्थिति काफी खराब है। यहां 66 स्कूल एकल शिक्षकों के सहारे चल रहे हैं। इनमें भी कई तो शिक्षामित्रों के हवाले हैं। 30 स्कूलों में न शिक्षक तैनात हैं न शिक्षामित्र। लिहाजा, ऐसे स्कूलों को दूसरे स्कूलों से संबद्ध किया गया है।

निपुण लक्ष्य भी प्रभावित

विभाग ने साल 2023 के अंत तक सभी विद्यार्थियों को निपुण बनाने का लक्ष्य तय किया है। शिक्षकों की कमी के चलते जिले के ज्यादातर स्कूल निपुण लक्ष्य हासिल करने की दौड़ में काफी पीछे हैं। हाल ही में जारी रिपोर्ट में जिले के 2,483 में से महज चार स्कूलों को ही स्थान मिला है।

विद्यार्थियों के साथ नहीं हो पाता न्याय

प्राथमिक विद्यालय बंडिया में पांचों कक्षाओं में 350 से अधिक विद्यार्थी हैं, लेकिन मैं अकेले शिक्षक के रूप में जितेंद्र पाल की तैनाती है। अकेले इतने ज्यादा बच्चों को पढ़ाने में दिक्कतें आना स्वाभाविक है। ऐसे में विद्यार्थियों के साथ न्याय नहीं हो पाता है।

प्राथमिक विद्यालय सूफी टोला में भी एक ही शिक्षिका की तैनाती है। स्कूल के पास रहने वाली समन ने बताया कि जब शिक्षिका को कोई दिक्कत होती है तो आस-पास के लोग स्कूल का ध्यान रखते हैं। कई बार विभाग से दूसरे शिक्षक भी भेजे जाते हैं।

प्राथमिक विद्यालय सनैया धनसिंह में भी एक ही शिक्षिका माया देवी तैनात हैं। एक से पांच तक के छात्र-छात्राओं को दो क्लासों में बैठाती हैं। एक बार में एक ही कक्षा के विद्यार्थियों को पढ़ा पाती हैं। बाकी बच्चों को किताब से पढ़ने का काम दिया जाता है।

वर्जन

अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा नगर क्षेत्र की स्थिति ज्यादा खराब है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। शासन स्तर से नई नियुक्तियां होने पर ही समस्या का समाधान हो सकेगा। – विनय कुमार, बीएसए


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