बरेली

Bareilly News: बिजली वालों को रिश्वत नहीं दिया तो ऊंचे नहीं किए तार

Connect News 24

रिठौरा (बरेली)। हाफिजगंज के धमीपुर गांव की तरह रिठौरा कस्बे में भी दो जिंदगियां बिजली कर्मियों की लापरवाही व बदइंतजामी की भेंट चढ़ गईं। हादसे के बाद स्थानीय उपभोक्ताओं ने खुलकर यह आरोप लगाया कि बिजली उपकेंद्र पर तार ढीले होने की शिकायत की थी, लेकिन रिश्वत नहीं दे पाने की वजह से तार नहीं कसे गए।

अली हसन का घर घनी आबादी में है। वहां तक उनकी बग्घी जाने के लिए रास्ता नहीं है। इसलिए वह बग्घी को जाटवपुरा में सड़क के किनारे खड़ी कर देते हैं। जिस जगह बग्घी खड़ी की गई थी, नगर पंचायत के नाले पर ऊंची करके पुलिया बना दी है। पुलिया के इधर-उधर की जगह सड़क से काफी नीची है। घटना से पहले बग्घी एक ओर खड़ी थी। जब ये लोग उसे पुलिया के ऊपर से आगे-पीछे कर रहे थे तो वह तारों से छू गई। पुलिया के ऊपर तारों की ऊंचाई महज आठ फुट है, जबकि सड़क के अन्य हिस्सों में तार ऊंचाई पर हैं।

बताते हैं कि स्थानीय लोगों ने खतरे की आशंका जताते हुए पुलिया के ऊपर तार ऊंचे कराने के लिए मार्च में एक पत्र रिठौरा बिजली उपकेंद्र में दिया था। मेहंदी हसन समेत कई लोगों का आरोप है कि तार ऊंचा कराने के नाम पर बिजली कर्मियों ने सुविधाशुल्क की मांग की थी। जब उन्होंने मांग पूरी नहीं की तो तार भी ऊंचे नहीं किए गए।

लिखित शिकायत मिले तो कराएंगे जांच

रिठौरा से पहले धमीपुर में घटना हुई थी। हादसे के बाद अधीक्षण अभियंता अशोक कुमार चौरसिया व अधिशासी अभियंता पंकज कुमार भारती ने दोनों जगह का निरीक्षण किया और कर्मचारियों को ढीले तार कसने के निर्देश दिए। पंकज कुमार भारती ने बताया कि बाकी स्थानों पर भी ढीले तारों को ठीक कराया जा रहा है। रिठौरा में जहां हादसा हुआ, वहां तार 15 फुट की ऊंचाई पर हैं। पुलिया ऊंची बनाने से ऐसा हुआ होगा। तार ऊंचा करने के लिए जिसने रिश्वत मांगी थी, उसकी लिखित शिकायत करें। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।

अतिक्रमण भी करा सकता है ऐसे हादसे

अतिक्रमण भी इस तरह के मामलों में जानलेवा होता जा रहा है। स्थानीय प्रशासन की खामोशी अतिक्रमण बढ़ाने में सहायक साबित हो रही है। लभेड़ा उर्फ बुलंद नगर में हाईटेंशन लाइन के नीचे हजारों टन भूसे के बोगे लगाए गए हैं जो कभी भी बड़ा हादसा करा सकते हैं। जहां बोगे लगे हैं, उसके ठीक सामने पेट्रोल पंप व गैस पंप है, लेकिन प्रशासन को यह दिखाई नहीं देता। पिछले माह यहां शार्टसर्किट की चिंगारी से कुछ बोगों में आग लगी तो उसे बुझाने के लिए दो दिन तक दमकल टीम जूझती रही।

कुदरत का करिश्मा : दूल्हे की गद्दी पर बैठे मासूम की बची जान

जाको राखे साइयां मार सके न कोय.. वाली कहावत उस वक्त चरितार्थ हो गई जब मृतक राशिद का दो साल का बेटा हमदान मौत के मुंह से बाल-बाल बच गया। राशिद चार बहनों और तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। तीन साल पहले उसकी शादी अबीदा से हुई थी। उनका दो साल का बेटा हमदान हादसे के वक्त बग्घी में दूल्हे की सीट पर बैठा था। उसकी आंखों के सामने पिता राशिद समेत तीन लोग करंट से चीखते हुए जमीन पर गिरे तो मासूम बच्चा घबरा गया। वह सीट पर बैठा रोता रहा। बग्घी में करंट दौड़ रहा था, लेकिन हमदान गद्दी पर बैठने से बच गया, उसने लोहा नहीं छुआ। लोगों ने तार हटाकर सबसे पहले उसी को गद्दी से उतारा।

अफसार के भाई की भी करंट से हुई थी मौत

करंट से जान गंवाने वाले अफसार के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। वह छह भाइयों में चौथे नंबर का था। उसके एक भाई की पिछले साल एक शादी समारोह में करंट लगने से ही मौत हो गई थी। मां नफीसा बेगम बेटे की मौत की खबर से बेसुध हो गईं। दोपहर में मृतकों के परिजनों ने बिजली विभाग की लापरवाही के चलते हादसे में दो लोगों की मौत होने को लेकर थाना हाफिजगंज में जेई तथा कर्मचारियों के खिलाफ तहरीर दी। इंस्पेक्टर ने बताया कि बिजली निगम के खिलाफ लापरवाही की रिपोर्ट दर्ज की है।


Connect News 24

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button