Bareilly News: चहेतों को बांट दिए कृषि उपकरण जांच में दोषी पर कार्रवाई नहीं हुई
बरेली। कृषि विभाग की मैकेनाइजेशन योजना का लाभ बाबुओं ने कुछ चहेतों को दे दिया। जांच हुई तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। उप निदेशक कृषि प्रसार डॉ. दीदार सिंह के दफ्तर में सेवारत वरिष्ठ सहायक शिवकुमार व प्राविधिक सहायक नृपेंद्र कुमार को जांच अधिकारियों ने प्रथम दृष्टया दोषी माना है। कार्रवाई की संस्तुति के साथ सीडीओ को जांच रिपोर्ट भेज दी। लेकिन कृषि विभाग के अफसरों ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
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शिकायत की थी। इसके बाद जांच कमेटी गठित हुई। सीडीओ के आदेश पर डीसी मनरेगा और बहेड़ी के एसडीएम ने जांच की। दोनों अधिकारियों ने एक जुलाई को जांच रिपोर्ट में कार्रवाई की संस्तुति की थी। सीडीओ को जांच रिपोर्ट प्रेषित की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई है। जांच अधिकारी ने बताया कि वरिष्ठ सहायक शिवकुमार ने एक ही परिवार को कृषि यंत्र योजना का लाभ दिया।
शिवकुमार ने स्पष्टीकरण दिया, लेकिन जांच कमेटी ने उसे संतोषजनक नहीं माना गया। आरोपों को सही ठहराया गया है। जांच में अवगत कराया गया है कि उप निदेश कृषि ने जांच में सहयोग नहीं दिया। यह भी बताया गया है कि कृषि निदेशालय के 13 जुलाई, 2020 के शासनादेश में उल्लेख है कि एक किसान एक वर्ष में एक ट्रैक्टर और कोई एक उपकरण ले सकता है, लेकिन बाबुओं ने प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से एक ही परिवार के सदस्यों को लाभ दिया है।



