Bareilly News: उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम का गठन, अधिवक्ता व उपभोक्ता भी होंगे सदस्य
बरेली। उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम के गठन की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। शहर के दस और ग्रामीण क्षेत्र के 14 उपखंडों, दोनों अधीक्षण अभियंता व मुख्य अभियंता स्तर के फोरम का गठन करने के लिए सदस्य चुने गए हैं। उपखंड स्तर पर अधिवक्ता व दो किलोवाट तक के उपभोक्ता सदस्य होंगे। महीने में चार दिन फोरम की बैठक होगी और शुल्क जमा करने के बाद शिकायतें सुनी जाएंगी।
विद्युत अधिनियम 2003 के अंतर्गत उपखंड, खंड, मंडल व अंचल स्तर तक फोरम का गठन होना है। इसमें उपभोक्ता, अधिवक्ता और सेवानिवृत्त अधिकारी उपभोक्ताओं की समस्याओं को सुनेंगे। सुनवाई के दौरान सदस्यों के साथ एसडीओ, एक्सईएन व एसई फोरम के अध्यक्ष के रूप में मौजूद रहेंगे। प्रत्येक फोरम में चार सदस्य व एक अधिकारी शामिल रहेंगे। जिले में आठ विद्युत वितरण खंडों और 24 उप खंडों, दो अधीक्षण अभियंताओं और एक मुख्य अभियंता के यहां पर पांच सदस्यों वाले फोरम के गठन की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। फोरम में उपभोक्ताओं को भी सदस्य बनाया है। उप खंड स्तर पर मनोनीत सदस्य को प्रत्येक बैठक का एक हजार, खंड स्तर पर 1500 व मंडल स्तर पर 2000, अंचल स्तर पर 4000 रुपये दिए जाएंगे।
शुल्क जमा कराने के बाद सुनी जाएंगी शिकायतें
कृषि और आवासीय कनेक्शन पर 25 रुपये प्रति किलोवाट (अधिकतम 50 रुपये)
वाणिज्यिक 100 रुपये प्रति किलोवाट (अधिकतम 1000 रुपये)
लघु एवं मध्यम उद्योग 75 रुपये प्रति किलोवाट (अधिकतम 750 रुपये)
बड़े और भारी उद्योग 100 रुपये प्रति किलोवाट (अधिकतम 1000 रुपये)
अन्य उपभोक्ता 50 रुपये प्रति किलोवाट (अधिकतम 500 रुपये)
(आयोग समय-समय पर दरों में बदलाव कर सकता है)
कोट
उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग जब सदस्य सूची को अनुमोदित करेगा, तब फोरम का संचालन शुरू होगा। फिलहाल फोरम का गठन प्रक्रिया में है। – राजीव कुमार शर्मा, मुख्य अभियंता



