Bareilly News: अस्पताल में दवा खत्म, मरीजों को मेडिकल स्टोर का पता बांट रहा दलाल
बरेली। तीन सौ बेड अस्पताल में बदइंतजामी मरीजों का दर्द बढ़ा रही है। खराब पड़े उपकरण, रीजेंट की कमी का मामला अभी थमा नहीं कि अब मरीजों को मेडिकल स्टोर का विजिटिंग कार्ड थमाया जा रहा है। मंगलवार को अमर उजाला की टीम व्यवस्था की पड़ताल करने पहुंची तो इसका खुलासा हुआ। जिम्मेदारों ने पहले तो मामले की जानकारी होने से ही इन्कार कर दिया। बाद में प्रकरण की जांच कराने और संबंधित दलाल के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है।
चिलचिलाती धूप के बाद तीन दिन रिकॉर्ड बारिश होने से अब आंखों में इंफेक्शन के मामले बढ़े हैं। तीन सौ बेड अस्पताल में प्रतिदिन दो सौ मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इसमें कंजेक्टिवाइटिस, आंखों में सूजन, लालिमा, खुजली, कीचड़ आने समेत अन्य इंफेक्शन के मरीज शामिल हैं। डॉक्टर मरीजों को प्रेडनिसोलोन आईड्रॉप लिख रहे हैं।
अस्पताल में आईड्रॉप खत्म होने से दवा काउंटर से उन्हें लौटाया जा रहा है। मंगलवार को दवा काउंटर पर मरीजों की स्टाफ से नोकझोंक भी हुई। मरीजों के मुताबिक काउंटर से हटने के बाद एक युवक ने खुद को अस्पताल का स्टाफ बताते हुए मेडिकल स्टोर का विजिटिंग कार्ड थमाते हुए वहां कम दाम में ही आईड्रॉप मिलने की बात कही।
यही स्थिति अन्य कई मरीजों के साथ भी रही। आरोप है कि अस्पताल के ही एक स्टाफ ने उन्हें विजिटिंग कार्ड देकर दवा लेने का सुझाव दिया। कुछ मरीजों ने एलर्जी, एंटीबायोटिक की दवा भी खत्म होने पर मेडिकल स्टोर का पता बताने का आरोप लगाया है।
दावा : चार दिन से नहीं है दवा, भेजा है मांगपत्र
अस्पताल के फार्मासिस्ट ऋषभ के मुताबिक प्रेडनिसोलोन समेत अन्य जरूरी दवाओं की सूची उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। अब तक आपूर्ति नहीं हुई है। दवा न होने की जानकारी देने पर कतार में लगे मरीज आक्रोशित हो रहे हैं। हालांकि, अस्पताल के किसी स्टाफ की ओर से मेडिकल स्टोर का विजिटिंग कार्ड दिए जाने की जानकारी से इन्कार किया है।
पता बताने में कहीं कमीशन का खेल तो नहीं
जिन मरीजों को मेडिकल स्टोर का विजिटिंग कार्ड दिया गया, उन्होंने अस्पताल के स्टाफ पर मेडिकल स्टोर से साठगांठ का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक कमीशन के चक्कर में दवाएं खत्म या कम होने की बात कहकर मेडिकल स्टोर का कार्ड थमा रहे हैं। दूर-दराज से आने वाले मरीजों को दो-तीन दिन बाद दवा आपूर्ति के लिए बुलाया जा रहा है। दोबारा आना मुमकिन नहीं है। लिहाजा, जहां का पता बताया, वहां जाने को विवश हैं।
सभी केस के फोटो
केस एक
डेलापीर के बाबू खां की आंखों में तीन दिन से खुजली हो रही थी और कीचड़ आ रहा था। डॉक्टर को दिखाने के बाद काउंटर पर पहुंचे तो आईड्रॉप खत्म होने का पता चला। कहा कि कतार के पास खड़े युवक ने खुद को स्टाफ बताते हुए उन्हें एएस मेडिकोज नाम के मेडिकल स्टोर का कार्ड दिया।
केस दो
पुराना शहर की सिदरा को खुजली और दाने निकल रहे थे। तकलीफ बढ़ने पर वह डॉक्टर को दिखाने पहुंचीं। इन्हें सेफ्रॉक्सिन समेत वेतरमाइसिन दवा लिखी गई। दोनों ही दवाएं एंटीएलर्जिक थीं। दवा उपलब्ध न होने की जानकारी के बाद वह वापस लौट रही थीं तो एक युवक ने इन्हें भी एएस मेडिकोज का कार्ड थमाया।



