Bareilly News: 50 लाख कमाए… सफाई की व्यवस्था ठीक न करा पाए
बरेली। कमुआकला गांव के प्रधान बालक राम ने 50 लाख रुपये की कमाई करके ग्राम पंचायत का खजाना भले ही भर दिया हो, लेकिन गांव की साफ-सफाई की व्यवस्था ठीक नहीं करा पाए। यहां जगह जगह कूड़े के ढेर हैं। गलियों में कीचड़ फैला है।
मलेरिया रोगियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह अनदेखी भारी पड़ सकती है। ग्राम प्रधान ने इसके लिए सफाईकर्मियों को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि सफाई कर्मचारी मनमानी करते हैं। कार्रवाई की पहल करने पर बड़े नेताओं से सिफारिश लगवाते हैं। इसे अफसरों को गंभीरता से लेना चाहिए। उधर, ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत सचिव भी नियमित रूप से गांव में नहीं आते। इससे समस्याओं के समाधान में देरी होती है।
गांव में पेयजल आपूर्ति की पाइप लाइन बिछाने के लिए सड़कें खोदी गईं। पाइप लाइन बिछाए जाने का काम पूरा हो गया है लेकिन सड़कें पहले जैसी हालत में नहीं आईं। जगह जगह गड्ढों में गिरकर लोग चोट खा रहे हैं। बारिश में यही सड़कें कीचड़युक्त हो जाती हैं। ग्रामीणों का आना-जाना दुश्वार हो जाता है। कमुआकला ग्राम पंचायत में मनपुरिया जानकी प्रसाद, टंडवा, चाहर नगला नरोत्तम नगला मजरे हैं। तीन सौ से अधिक परिवार निवास करते हैं। शहर का विस्तार अब चौतरफा 20 किलोमीटर के दायरे में हो चुका है। कनुआनगला तक शहरी क्षेत्र के लोगों ने संस्थान स्थापित किए हैं। गांव के लोग भी रोजी-रोजगार के लिए शहर आ रहे हैं, लेकिन गांव के भीतर की सड़कें उन्हें परेशान करती हैं।
गांव में पहले चार सफाईकर्मी थे। अब तीन बचे। दो बहुत कम आते हैं। अगर वे कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाते हैं या शिकायत करते हैं तो कर्मचारी राजनीतिक सिफारिशें डलवाकर मनमानी की छूट चाहते हैं। कई बार उनके भी हाथ बंध जाते हैं। -बालक राम, ग्राम प्रधान
गांव में सफाई कर्मी आता है लेकिन देखकर लौट जाता है। सफाई नहीं होती। सड़कें भी खोद कर डाल दी गईं। लोग चोट खा रहे हैं। -राजवीर, निवासी टंडवा
गांव की मुख्य सड़क पर जलभराव है। प्रधान को बताया तो पता लगा कि सड़क लोक निर्माण विभाग की है। सड़क किसी भी विभाग की हो पर ठीक तो होनी ही चाहिए। पैरवी भी प्रधान करें तो बेहतर रहेगा। -ओमप्रकाश
अगर गांव में सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है और कर्मचारी नियमित नहीं जा रहे हैं तो उनका वेतन रोका जाएगा। कार्रवाई होगी। -धर्मेंद्र कुमार, डीपीआरओ
गांव में 40 स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इसके चलते सार्वजनिक स्थलों पर झगड़ों की संख्या घटी है। ग्राम प्रधान ने बताया कि जब 50 लाख रुपये का राजस्व जुटाया तो उन्हें ख्याल आया कि गली मोहल्लों में कुछ लोग छोटी छोटी बातों पर मारपीट और झगड़ा कर देते हैं। दो पक्षों के झगड़े में तीसरा कोई व्यक्ति निष्पक्ष तरीके से गवाही भी नहीं देना चाहता। ऐसे में कैमरों की गवाही अहम होती। इसलिए उन्होंने कैमरे लगवाए। अब झगड़े घटे हैं। लोगों को पता है कि कैमरे में कैद हो जाएंगे। ब्यूरो



