Bareilly News: छतों के ऊपर से मौत बनकर गुजर रहीं हाईटेंशन लाइन, शिकायत के बाद भी नहीं हो रहीं शिफ्ट
हाफिजगंज। बिजली निगम की ओर से सुरक्षा मानकों की अनदेखी आम लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ रही है। हाफिजगंज थाना क्षेत्र में कम ऊंचाई के तारों की वजह से दो दिनों में दो अलग-अलग हुए हादसों में चार लोगों ने जान गंवा दी है। क्षेत्र में जगह-जगह बिजली लाइनें जर्जर हैं। कई जगह हाईटेंशन लाइन छतों के ऊपर से गुजर रही हैं। हादसों के बाद भी विभाग सुध नहीं ले रहा।
ग्रामीणों ने बताया कि हर बार हादसा होने पर बिजली निगम के अधिकारी लाइन शिफ्ट कराने का आश्वासन देते हैं। इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं की जाती। थाना क्षेत्र में कस्बा हाफिजगंज के साथ धमीपुर, नरहरपुर, सनेकपुर, नवदिया, जासपुर, कमुआ समेत कई गांव में हाईटेंशन लाइन छतों के ऊपर से गुजर रही है। हाईटेंशन लाइन शिफ्ट कराने के लिए ग्रामीणों ने कई बार ज्ञापन भी दिए मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। लंबे समय से मरम्मत न होने की वजह से लाइन पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। आंधी-बारिश के दौरान तार टूटने की घटनाएं होती रहती हैं।
पहले भी हुए हैं हादसे
क्षेत्र में हाईटेंशन लाइन की वजह से पहले भी हादसे हो चुके हैं। छह महीने पहले धमीपुर गांव के सोहनलाल का बेटा रितेश छत पर खेलते समय हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया था। उसका एक हाथ काटना पड़ा था। चार महीने पहले गांव के राजीव की कम ऊंचाई वाले तार की चपेट में आने से मौत हो गई थी। सात साल पहले हाफिजगंज के रहने वाले सद्दीक छत के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गए थे। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बकैनिया के रहने वाले रईसुद्दीन उर्फ बड़े पर खेत में गन्ना छीलते समय तार टूटकर गिर गया था। करीब पांच साल पहले गांव के रहने वाले अय्यूब उर्फ पप्पू की मौत छत के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई थी।
पेड़ पर लगा दिया इंसुलेटर
हादसे रोकने के लिए बिजली निगम कितना गंभीर है, इसका अंदाजा यह तस्वीर देखकर लगाया जा सकता है। पोल से पोल की दूरी अधिक होने की वजह से कर्मचारियों ने पोल पर ही इंसुलेटर लगाकर तार उसमें बांध दिया। इससे हादसे की आशंका बनी हुई है। नियमानुसार पेड़ की छंटाई करने के बाद यहां पोल लगाना चाहिए था।



