Bareilly News: ऑनलाइन हाजिरी का विरोध, सीयूजी सिम की मांग
बरेली। परिषदीय स्कूलों में ऑनलाइन हाजिरी का आदेश शिक्षकों को रास नहीं आ रहा है। शिक्षक संगठनों ने इसका विरोध करने की तैयारी कर ली है। शिक्षकों ने बताया कि वह निजी सिम से टैबलेट चलाने के पक्ष में नहीं हैं। शिक्षकों के तबादले के बाद टैबलेट और सिम का क्या होगा, इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसके लिए शिक्षकों को सीयूजी सिम जारी किया जाना चाहिए। रियल टाइम उपस्थिति की व्यवस्था अधूरी तैयारियों के साथ लागू की गई है। इसकी खामियों की वजह से शिक्षकों पर अनावश्यक रूप से कार्रवाई होनी तय है। हालांकि, अभी जिले में यह व्यवस्था लागू नहीं की गई है। बीएसए संजय सिंह ने बताया कि सभी ब्लॉकों में टैबलेट वितरित हो जाने के बाद इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा।
इन वजहों से जताया विरोध
– शिक्षकों के लिए सख्त नियम
– वेतन कटने की आशंका
– डाटा फीडिंग में असुविधा
– उपस्थिति के लिए 15 मिनट का समय
हर बार थोप दिए जाते हैं नियम
विभाग जब चाहे शिक्षकों पर नया नियम लागू कर देता है। हम टैबलेट में निजी सिम का प्रयोग नहीं करेंगे। इसके लिए हमें सीयूजी सिम दिया जाए, ताकि तबादले की स्थिति में दिक्कत न हो। हम इसका सामूहिक विरोध करेंगे। – भानु प्रताप सिंह, जिलाध्यक्ष यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा)
यह व्यवस्था अधूरी तैयारियों के साथ लागू की गई है। इसमें न शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज हो पाना संभव है, न ही विद्यार्थियों की। विभाग ने उपस्थिति के लिए 15 मिनट का जो समय दिया है, उसमें बदलाव किया जाना चाहिए। – सतेंद्र पाल, उपाध्यक्ष, यूटा
विरोध की सबसे बड़ी वजह यह है कि हम निजी सिम से टैबलेट ऑपरेट नहीं करना चाहते। विभाग इसके लिए सीयूजी सिम जारी करे। वहीं, विभाग का कहना है कि कंपोजिट ग्रांट से सिम खरीदा जाए, जबकि अभी तक कंपोजिट ग्रांट का पता नहीं है। – विनोद कुमार शर्मा, जिलाध्यक्ष, उप्र जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ
अधिकतर शिक्षक लंबी दूरी तय कर स्कूल पहुंचते हैं। ऐसे में 10-20 आगे-पीछे पहुंचना सामान्य बात है। टैबलेट में 15 मिनट से ऊपर-नीचे होने पर शिक्षक का वेतन कट जाएगा। ऐसी स्थिति में यह शिक्षकों के साथ अन्याय है। हम सभी एक मत होकर इसका विरोध करेंगे। – नरेश गंगवार, जिलाध्यक्ष, उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ



