Bareilly News: रामगंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद तेज हुआ कटान
अलीगंज। रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद कटान भी तेज हो गया है। आंवला, मीरगंज और फरीदपुर और सदर तहसील क्षेत्र के कई गांवों में सैकड़ों बीघा जमीन नदी में समा चुकी है। तेज बहाव के चलते कटान रोकने के इंतजाम भी नाकाफी साबित हो रहे हैं।
तहसील सदर के गांव सूदनपुर के लोगों की जमीनें रामगंगा में समाने लगी हैं। कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग के बाढ़ खंड की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं मगर यह नाकाफी हैं। शुक्रवार को यहां कई मजदूर कट्टों में रेत भरकर गुजरहाई गांव के पास क्षतिग्रस्त तटबंध की मरम्मत कर रहे थे मगर तेज बहाव के चलते वह नदी में समा जा रहे थे। कटान रोकने के लिए नदी की धार मोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
किसान राना सिंह और चौधरी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि हर साल बाढ़ उनकी सैकड़ों बीघा फसल को लील जाती है। आवारा पशु और बाढ़ की किल्लत से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में गंगा किनारे खेती करना मुश्किल हो रहा है। दर्शन सिंह व देवेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले साल रामगंगा में आई बाढ़ से किसानों की पचास बीघा से ज्यादा जमीन रामगंगा में कट गई।
सिंचाई विभाग के एसडीओ अमित सिंह ने बताया कि मंगलवार को रामगंगा का जलस्तर 159.880 मीटर रहा। जो चेतावनी बिंदु से कम है। अगर जलस्तर 163.70 मीटर पहुंचता है तो खतरे के निशान पर पहुंच जाएगा।
क्षतिग्रस्त तटबंध की मरम्मत नहींगांवों की तरफ रामगंगा का पानी रुख न करे इसके लिए गुजरहाई गांव के पास सुरक्षा दीवार बनाई गई थी। इसका काफी हिस्सा नदी में समा चुका है। इसकी अब तक मरम्मत नहीं हुई है।आसपास के ग्रामीणों ने बताया कि तटबंध नदी में समाने के बाद कटान रोकना मुश्किल होगा।



