Bareilly News: लाउडस्पीकर और उसकी आवाज कम करने के पक्ष में हैं धर्मगुरु
बरेली। लाउडस्पीकर और उसकी आवाज कम करना सही है। धर्मगुरु भी इसके पक्ष में हैं। उनका मानना है कि ध्वनि प्रदूषण पर रोक जरूरी है, क्योंकि इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। मरीजों के साथ ही आम लोगों को भी परेशानी होती है। देर रात तक बजने वाले लाउडस्पीकर पर भी रोक लगनी चाहिए।
लाउडस्पीकर जरूरत से ज्यादा न हों और ध्वनि भी मानक के अनुरूप होना चाहिए, ताकि वातावरण को ध्वनि प्रदूषण से बचाया जा सके, और लोगों को भी परेशानी न हो। – महंत नीरज नयन दास, मठ तुलसी स्थल
सुप्रीम कोर्ट का फैसला सभी समुदायों और धार्मिक स्थलों पर लागू होता है। उसके अनुसार कार्रवाई में कोई हर्ज नहीं, मगर एक समुदाय को चिह्नित कर कार्रवाई करना ठीक नहीं। – मौलाना शहाबुद्दीन रजवी, अध्यक्ष, ऑल इंडिया मुस्लिम जमात
अदालत का निर्णय सही है। तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाने से बच्चों की पढ़ाई में विघ्न पड़ता है। खासकर रात में तो लाउडस्पीकर बिल्कुल भी नहीं बजना चाहिए। – फादर डॉ. विलियम सैमुअल, सीनियर पादरी
नियम समान रूप से लागू होना चाहिए। ध्वनि प्रदूषण कम होना ही चाहिए, इससे लोगों को समस्या भी होती है। वैसे भी भक्ति शांत वातावरण में ही होना चाहिए। – हरप्रीत सिंह, सचिव सेंट्रल गुरुपुरब कमेटी
मेरी अपील है कि बिना अनुमति के कोई लाउडस्पीकर लगाए हुए है तो उसे उतार लें। निर्धारित आवाज में ही लाउडस्पीकर बजाएं। यह बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों सभी के लिए फायदेमंद है। – डॉ. सैयद इंतखाब आलम जाफरी, प्रबंधक दरगाह हुजूर फतेह मदारी
जमात रजा की ओर से एसपी से बातचीत
दरगाह आला हजरत से जुड़े संगठन जमात रजा मुस्तफा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान हसन खान ने बुधवार को एसएसपी से मुलाकात की। इमामों के साथ की जा रही सख्ती का मामला उठाते हुए सुझाव दिया कि सभी थानों में सभी समुदाय के लोगों की बैठकें बुलाकर उनको लाउडस्पीकर के आदेश पर अमल करने के लिए कहें। मौके पर पहुंच कर किसी के साथ बदसलूकी न की जाए।


