Bareilly News: नाम की स्मार्ट क्लास, इंटरनेट कनेक्शन गायब
बरेली। बेसिक शिक्षा विभाग ने इस साल जिले के शत-प्रतिशत परिषदीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास लगाने का लक्ष्य तय किया है। विभाग करीब 90 फीसदी स्कूलों को स्मार्ट बनाने के दावे भी कर रहा है, लेकिन पांच फीसदी स्कूलों में भी स्मार्ट क्लास के संचालन के लिए इंटरनेट कनेक्शन मुहैया नहीं कराए गए हैं। कई स्कूलों में कनेक्शन न होने के चलते स्मार्ट क्लास बंद है तो कई में शिक्षक अपने फोन से नेट कनेक्ट करके कक्षाएं चला रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि पहले कई बार विभाग को कनेक्शन के लिए कहा गया है, लेकिन विभाग की ओर से कोई जवाब नहीं आया।
बीएसए विनय कुमार के अनुसार जिले में 2483 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें हाल ही में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के करीब 1600 स्कूलों को स्मार्ट क्लास से जोड़ा गया है। कई स्कूलों में पहले से ही स्मार्ट क्लास लगाए जा चुके हैं। लिहाजा विभाग करीब 90 फीसदी स्कूलों को स्मार्ट बनाने का लक्ष्य पूरा कर चुका है। इस सप्ताह भी अच्छा प्रदर्शन करने वाले कई स्कूलों को स्मार्ट टीवी दिए गए हैं। सितंबर 2022 में स्कूली शिक्षा महानिदेशक ने जिले के ऐसे स्कूलों की सूचना विभाग से मांगी थी जहां स्मार्ट क्लास के लिए इंटरनेट कनेक्शन नहीं हैं, लेकिन इसमें भी विभाग की ओर से हीलाहवाली जारी रही। लिहाजा अब तक कनेक्शन के लिए स्कूलों की सूची नहीं भेजी गई है।
स्मार्ट क्लास की हालत बेहद खराब
– शिक्षक विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि उनके स्कूल पूर्व माध्यमिक विद्यालय बारी नगला में प्रोजेक्टर और स्मार्ट टीवी लगा है, लेकिन इंटरनेट कनेक्शन नहीं है। उन्होंने कहा कि जिलेभर के परिषदीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास की स्थिति बेहद खराब है।
– पूर्व माध्यमिक विद्यालय बिथरी चैनपुर के शिक्षक नरेश गंगवार का कहना है कि ज्यादातर स्कूलों में स्मार्ट क्लास महज देखने के लिए हैं। कुछ स्कूलों में शिक्षक अपने फोन से नेट कनेक्ट करके स्मार्ट क्लास चलाते हैं। उनके स्कूल में भी यही हाल है।
– शिक्षक हरीश बाबू शर्मा ने बताया कि सभी स्कूलों में स्मार्ट क्लास चलती भी नहीं हैं, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र के अधिकतर स्कूलों में कनेक्शन की धीमी गति रहती है। लिहाजा स्मार्ट क्लास शोपीस से ज्यादा कुछ नहीं हैं।
27 जून से खुलने हैं स्कूल
27 जून से परिषदीय स्कूलों में अवकाश खत्म होने जा रहा है। कक्षाएं शुरू होने को हैं। स्कूलों में स्मार्ट क्लास तो हैं, लेकिन संचालन की अवस्था में नहीं हैं। यह स्थिति उन स्कूलों में भी है जिनमें स्मार्ट क्लास चल रही हैं।
स्कूलों को कंपोजिट ग्रांट से नेट कनेक्शन लेने का विकल्प दिया गया है। आगे भी विभाग की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। – विनय कुमार, बीएसए



