Bareilly News: रोडवेज बसों के वाइपर खराब, वायरिंग का भी बुरा हाल
बरेली। शासन और मुख्यालय की सख्ती के बाद भी रोडवेज बसों की दशा नहीं सुधार रही है। बारिश के मौसम में बसें बिना वाइपर के दौड़ रही हैं। खड़िकियों के शीशे टूटे हैं। छत भी टपक रही है। यात्री सोशल मीडिया पर भड़ास निकाल रहे हैं। एमडी मासूम अली सरवर शिकायतों पर कार्रवाई का आदेश दे रहे हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर खास बदलाव नहीं दिख रहा है। कई बार तो जनरथ और शताब्दी श्रेणी की बसें भी रास्ते में खड़ी हो जा रही हैं।
वाइपर न होने के कारण 27 जून की रात बारिश के दौरान बरेली डिपो की बस बुलंदशहर में डिवाइडर से टकरा गई थी। नाराज यात्रियों ने चालक सर्वेश को पीट दिया था। बाद में उनकी मौत हो गई थी। इससे पहले कानपुर जा रही बरेली डिपो की जनरथ बस में मदनापुर के पास वायरिंग में शॉर्ट सर्किट के कारण आग गई थी। इसके बाद भी अधिकारियों ने बसों की दुर्दशा पर ध्यान नहीं दिया। अब भी तमाम बसों की वायरिंग उधड़ी हुई है।
प्रदेश स्तर पर अभियान, बरेली में असर नहीं
जनरथ श्रेणी की एसी बस में आग लगने के बाद प्रदेश स्तर पर बसों की वायरिंग को ठीक कराने के लिए अभियान चलाया गया। दो बार नोडल अधिकारी और निगम के जीएम टेक्निकल ने बरेली का दौरा किया। एआरए, फोरमैन समेत कई के खिलाफ कार्रवाई भी की गई, लेकिन अब तक बसों की वायरिंग दुरुस्त नहीं हो सकी है।
स्टियरिंग फेल होने के मामले भी आ रहे सामने
रोडवेज बसों की स्टियरिंग फेल होने से पलटने के मामले भी सामने आ रहे हें। मंगलवार को ही बरेली-बिसौली के बीच चलने वाली बरेली डिपो की रोडवेज बस रास्ते में आंवला के पास पलट गई। यह बस सुबह 10 बजे बरेली से वाया भमोरा, आंवला होते हुए बिसौली के लिए निकली थी। दोपहर में सुरसेना गांव के पास हादसा हो गया।
बसों से गायब हुए अधिकारियों के सीयूजी नंबर
यात्री अगर अधिकारियों से शिकायत करना चाहें तो यह भी संभव नहीं है। बसों में चालक की सीट के पीछे आरएम, एसएम और एआरएम के सीयूजी नंबर अंकित किए गए थे। ज्यादातर बसों से अब यह नंबर गायब हैं। हालांकि, कुछ जागरूक यात्री ट्विटर के जरिये लगातार अधिकारियों को आइना दिखा रहे हैं।
ऑनलाइन बुकिंग में गड़बड़ी पर एआरएम की चेतावनी
एसी बसों की ऑनलाइन बुकिंग में भी गड़बड़ी हो रही है। यात्री को जो सीट आरक्षित की जाती है, यात्रा के दौरान वह सीट उसे नहीं मिलती। रुहेलखंड डिपो के एआरएम योगेंद्र कुमार ने इस संबंध में अधीनस्थों को कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
सीयूजी नंबर गोरखपुर ले गए पुराने एसएम
एसएम को मुख्यालय की ओर से सीयूजी नंबर मुहैया कराया गया है। तीन दिन पहले गोरखपुर तबादला होने के बाद भी बरेली रीजन में एसएम रहे संजीव यादव ने सीयूजी नंबर नवागत एसएम को नहीं दिया है। रोडवेज बसों की दुर्दशा के संबंध में जब सीयूजी नंबर पर बात की गई तो इस बारे में पता लगा। संजीव यादव ने बताया कि जल्द ही वह सीयूजी नंबर नए एसएम को हस्तांतरित कर देंगे।



