Budaun News: तबादले पर भी नहीं छोड़ा आवास, अफसर और बाबुओं से होगी 14 लाख की वसूली
– एडीएम ने लोनिवि के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखकर वसूली करने को कहा
– स्थानांतरण और सेवानिवृत्ति के बाद भी नहीं किया किराया और जलकर जमा
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। स्थानांतरण और सेवानिवृत्ति के बाद भी सरकारी आवासों को न छोड़ने वाले अधिकारी और कर्मचारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की गई है। उन पर निर्धारित अवधि का किराया, जलकर व आर्थिक दंड डालते हुए वसूली करके राजकोष में जमा करने को लोक निर्माण विभाग को कहा गया है। इन अधिकारी व कर्मचारियों पर लगभग 14 लाख से भी ज्यादा बकाया निकल रहा है।
लोक निर्माण विभाग के शहर में कई जगहों पर पूल्ड हाउसिंग के तहत आवास बने हैं। इन आवासों में कई सरकारी अधिकारी व कर्मचारी रहते हैं। इन अधिकारियों व कर्मचारियों से उनका मानक के अनुसार किराया व जलकर आदि राशि ली जाती है। इन आवासों में कुछ ऐसे भी हैं, जिनमें अपनी तैनाती के दौरान कुछ अधिकारी व कर्मचारी रहते रहे, पर निर्धारित किराया जमा नहीं किया। और तो और स्थानांतरण व सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने इसे जमा करना मुनासिब नहीं समझा।
ऐसे में अब एडीएम एफआर राकेश कुमार पटेल ने बुधवार को इन अधिकारी व कर्मचारियों से वसूली के लिए लोक निर्माण विभाग, प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता को लिखा है। पत्र में कहा गया है कि इन लोगों से मानक किराया, जलकर व दंडात्मक किराये की वसूली कर उसे राजकोष में जमा कराया जाए। अधिशासी अभियंता मनीश सिंह ने बताया कि फिलहाल उन्हें कोई पत्र अभी नहीं मिला है। मिलते ही नियमानुसार कार्रवाई कराई जाएगी।
इनसे वसूला जाना है किराया
बदायूं। एडीएम द्वारा जारी पत्र में जिन अधिकारी व कर्मचारियों से वसूली को लिखा गया है, उनमें ऑफिसर्स कॉलोनी स्थित आवास बी-2 के लिए तत्कालीन परियोजना अधिकारी, डूडा वीवी सिंह से सात लाख 46 हजार चार सौ रुपये, बी-3 स्थित तत्कालीन डिप्टी कलेक्टर व वर्तमान डिप्टी कलेक्टर जौनपुर लालबहादुर से दो लाख 60 हजार 350 रुपये, डायट परिसर स्थित ऑफिसर्स हॉस्टल आवास के लिए पूर्व सहायक परियोजना अधिकारी, डूडा प्रीति वर्मा से दो लाख 46 हजार पांच सौ रुपये, वन विभाग के निकट डी-28 के लिए कलक्ट्रेट की सेवाच्युत कनिष्ठ लिपिक नेहा श्रीवास्तव से 73 हजार छह सौ रुपये तथा डी-29 के लिए मत्स्य विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी देवेंद्र दुबे से 48 हजार चार सौ रुपये की वसूूली शामिल है। कुल मिलाकर यह राशि 13 लाख 75 हजार 250 रुपये हो रही है।