Budaun News: नई साल तक 71 स्वास्थ्य उपकेंद्रों की मिलेगी सौगात

दिनेश पाल।
बदायूं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में 71 से अधिक स्वास्थ्य उपकेंद्र बनाए जा रहे हैं। यहां लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया हो सकेंगी। साथ ही हीमोग्लोबिन, शुगर, ब्लडप्रेशर, ओरल कैंसर, गर्भवती महिलाओं की जांच, ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग आदि की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
शासन स्तर से प्रत्येक उपकेंद्र की लागत 31 लाख रुपये तय की गई है। निर्माणदायी संस्था की ओर से निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि तीन से चार महीने में से बनकर तैयार हो जांएगे। यहां सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) और ऑग्जिलरी नर्स मिडवाइफरी (एएनएम) की तैनाती की जाएगी। स्थानीय लोगों को छोटी-मोटी बीमारियों के उपचार के लिए दूर-दराज भटकने की जरूरत नहीं होगी।
पहले से संचालित 180 उपकेंद्र बदहाल, लगे रहते हैं ताले
बदायूं/बगरैन। गांवों में पहले से संचालित 180 स्वास्थ्य उपकेंद्र बदहाल हैं। न तो वहां नियमित स्टाफ पहुंचता है और न ही सुविधाएं हैं। स्थानीय लोग वहां पहुंचते हैं तो उन्हें ताला लगा मिलता है। जब पुराने उपकेंद्र ठीक से काम नहीं कर रहे तो नए बन रहे उपकेंद्रों पर बेहतर इलाज की उम्मीद कैसे की जाए।
अभिलेखों में इन उपकेंद्रों पर सीएचओ और एएनएम तैनात है, लेकिन अधिकतर समय पर खुलते ही नहीं हैं। बृहस्पतिवार को कतगांव में बना स्वास्थ्य उपकेंद्र बंद मिला। यहां तैनात सीएचओ और एएनएम कभी-कभार ही आते हैं। सरौरी में करीब पांच माह पहले बना स्वास्थ्य उपकेंद्र अभी तक शुरू ही नहीं हुआ है। स्थानीय लोग मजबूरन झोलाछाप या निजी चिकित्सकों से उपचार कराते हैं।
नहीं मिल रहा कोई लाभ
स्वास्थ्य केंद्र बनने से कुछ उम्मीद जागी कि उन्हें गांव में ही इलाज की सुविधा मिलने लगेगी लेकिन यह सिर्फ सपना ही साबित हो रहा है। झोलाछाप ही सहारा बने हुए हैं। -दिनेश पाल
करीब पांच माह पहले उपकेंद्र बनकर तैयार हो गया है, लेकिन अभी तक यह शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में लाखों रुपये सरकार ने बेवजह खराब कर दिए। -मुनेश पाल सिंह

दिनेश पाल।

दिनेश पाल।

दिनेश पाल।