Budaun News: वित्तपोषित माध्यमिक कॉलेजों में अलंकार योजना धराशायी
अब तक किसी भी कॉलेज ने नहीं किया आवेदन
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। वित्तपोषित माध्यमिक कॉलजों के जीर्णोद्धार समेत अन्य कमियों को पूरा करने के लिए प्रदेश सरकार की अलंकार योजना जिले में परवान नहीं चढ़ सकी। योजना के तहत वित्तपोषित माध्यमिक कॉलेजों में बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाना था। काफी प्रयासों के बाद भी विभाग स्कूलों को प्रस्ताव के लिए राजी कर नहीं कर पाया।
प्रदेश सरकार ने राजकीय कॉलेजों के जीर्णोद्धार के लिए अलंकार योजना को शुरू किया था। इसके तहत पिछले साल शहर के राजकीय इंटर कॉलेज की कुछ कक्षाओं के लिंटर डाले गए थे। इन कक्षाओं में प्लास्टर और ईंटें गिरने लगीं थीं। प्रदेश सरकार ने इसके बाद यह योजना वित्तपोषित कॉलेजों के लिए भी लागू कर दी।
कहा गया कि इसके तहत कॉलेजों में जीर्णोद्धार का जो भी काम होगा, उसका 50 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी तो 50 प्रतिशत धनराशि कॉलेज प्रशासन को वहन करनी होगी। इसके तहत जिले में डीआईओएस के माध्यम से प्रस्ताव मांगे गए थे, लेकिन किसी भी कॉलेज की ओर से प्रस्ताव नहीं दिया गया। अधिकांश कॉलेजों का कहना है इतनी धनराशि उनके पास नहीं है, जो वह उसका जीर्णोद्धार करा सकें।
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75 साल पूरे करने वाले ही विद्यालय कर सकते हैं आवेदन
शासन द्वारा जिन वित्तपोषित माध्यमिक कॉलेजों को अलंकार योजना का लाभ दिया जाएगा, उन कॉलेजों का 75 साल पुराना होना जरूरी है। जिले के 41 वित्तपोषित माध्यमिक कॉलेज हैं, जिनमें से करीब 14 ऐसे हैं जो इस योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं। इनमें शहर स्थित राजाराम महिला इंटर कॉलेज, पार्वती आर्य कन्या इंटर कॉलेज, श्रीकृष्णा इंटर कॉलेज, केदारनाथ महिला इंटर कॉलेज तथा केएम इंटर कॉलेज इस्लामनगर शामिल हैं।
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कॉलेज प्रबंधन नहीं हो रहा राजी
अलंकार योजना के तहत 50 प्रतिशत धनराशि कॉलेजों द्वारा लगाए जाने पर प्रबंधन राजी नहीं हो रहा है। यही हाल प्रदेश के अन्य जिलों का है। चर्चा है कि शासन नीति में बदलाव लाएगा। इसके तहत अब 25 प्रतिशत धनराशि कॉलेज देगा, जबकि 75 प्रतिशत धनराशि शासन द्वारा दी जाएगी।
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शासन द्वारा अलंकार योजना के तहत 50 प्रतिशत धनाशि वित्त पोषित माध्यमिक कॉलेजों को जीर्णोद्धार के लिए दी जानी थी, लेकिन किसी भी कॉलेज में योजना के तहत आवेदन नहीं किया है।
-डॉ. प्रवेश कुमार, डीआईओएस