बदायूं

Budaun News: मौत के गड्ढे खोदकर छोड़े… अब जान जाए तो किसे परवाह

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After digging the pit of death, who cares if he knows now

ग्राम नसरौल में गंगा एक्सप्रेेस-वे के गड्ढे की गहराई नापता ग्रामीण। संवाद

लापरवाही और अफसरों की अनदेखी से हो चुकी दो बच्चों की मौत

मानक के विपरीत खोदाई की आ चुकी हैं कई शिकायतें, नहीं हुई कार्रवाई

संवाद न्यूज एजेंसी

बदायूं। गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण से भले ही यातायात व्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी लेकिन शुरुआत से पहले ही जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही से छोटे-छोटे बच्चों की जान जा रही है। मिट्टी डालने के लिए बड़े-बड़े गड्ढे खोदकर डाल दिए गए हैं। उन पर न तो बेरिकेडिंग कराई गई है और न ही कोई संकेतक बोर्ड लगाया गया है। बारिश का पानी भरने से ये गड्ढे जानलेवा तालाब बन गए हैं। अब तक इनमें डूबकर दो बच्चों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी बेपरवाह हैं।

मेरठ से प्रयागराज तक बन रहे गंगा एक्सप्रेस-वे जिले की चार तहसीलों से होकर गुजर रहा है। इसमें शायद ही कोई तहसील होगी, जहां से मानक के विरुद्ध मिट्टी खोदाई की शिकायत न आई हो। सबसे पहले बिसौली और वजीरगंज इलाके के तमाम किसानों ने शिकायत की थी।

उनका कहना था कि एक्सप्रेस-वे पर मिट्टी डालने के लिए करीब छह फुट गहराई तक खोदाई का आदेश है लेकिन एक्सप्रेस-वे के अधिकारी या जिम्मेदार सुनने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने खोदाई कराकर बड़े-बड़े गड्ढे कर दिए हैं। इसकी जांच भी कराई गई थी। तत्कालीन एसडीएम बिसौली ज्योति शर्मा ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी चलवाकर तमाम गड्ढे पटवा दिए थे।

इसके बाद दातागंज इलाके से शिकायतों के आने का सिलसिला शुरू हुआ। जहां आज भी तमाम गड्ढे खुले पड़े हैं। तमाम गड्ढे बारिश का पानी भरने से जानलेवा तालाब बन गए हैं। इस लापरवाही से विगत छह मई को डहरपुर के नजदीक गंगा एक्सप्रेस-वे के गड्ढे में डूबकर दस वर्षीय रंजीत पुत्र किशोरी की मौत हो गई थी।

इस्लामनगर के नसरौल गांव में हुए हादसे के संबंध में बताया जा रहा है कि जहां से गंगा एक्सप्रेस-वे गुजर रहा है। उसके नजदीक ही करीब आठ-दस फुट गहराई तक मिट्टी उठाई गई थी, जिससे यह गड्ढा हो गया और मंगलवार शाम उसमें डूबकर सात वर्षीय रूपेश की मौत हो गई। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अब भी तमाम गड्ढे खुले पड़े हैं, जो अन्य बच्चों के लिए खतरा बने हुए हैं।

डंपर से कुचल गया था वीरेश

वजीरगंज इलाके में 20 मई को डंपर से कुचलकर कंजुआ के वीरेश की मौत हो गई थी। बताया जा रहा था कि वीरेश गंगा एक्सप्रेस-वे पर ही मजदूरी कर रहा था। एक्सप्रेस-वे के काम में लगे तेज रफ्तार मिट्टी डालने वाले डंपरों की चपेट में आ गया। चालकों की लापरवाही से उसकी जान चली गई थी।

दातागंज इलाके में खेत पर जाने से डरते हैं किसान

दातागंज तहसील क्षेत्र के कई गांवों का हाल काफी बुरा है। किसानों का कहना है कि गंगा एक्सप्रेस-वे वालों ने मिट्टी मानक के अनुसार नहीं उठाई है। कहीं 15 तो कहीं 20 फुट से ज्यादा गहरे गड्ढे कर दिए हैं। जिन खेतों से मिट्टी नहीं उठाई गई है। यह गड्ढे उन्हीं के लिए सबसे बड़ा खतरा बने हुए हैं। एक तो उनके खेत बारिश के पानी में कटकर इन गड्ढों में मिल रहे हैं तो दूसरे उनके बच्चों की खेत पर जाने के बाद रखवाली ज्यादा बढ़ गई है। गड्ढे इतने गहरे हैं कि लोग तक उनके नजदीक से गुजरने से डरते हैं कि कहीं पैर फिसल जाने से उनमें गिर न जाएं।

हमने कराई थी बेरिकेडिंग, ग्रामीणों ने उखाड़ दी : त्रिपाठी

गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण कराने वाली कार्यदायी संस्था एसजी इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड के वरिष्ठ प्रबंधक आरएम त्रिपाठी से इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस्लामनगर इलाके में जिस गड्ढे में डूबकर बालक की मौत हुई है, वह एक्सप्रेस-वे से करीब आधा किलोमीटर दूर है। उनका दावा है कि उन्होंने वहां बेरिकेडिंग कराई थी लेकिन ग्रामीणों ने उखाड़ दी। कहा कि ग्रामीणों को खुद भी इस पर ध्यान देना होगा, अपने बच्चों पर भी नजर रखें।

ग्राम नसरौल में गंगा एक्सप्रेेस-वे के गड्ढे की गहराई नापता ग्रामीण। संवाद

ग्राम नसरौल में गंगा एक्सप्रेेस-वे के गड्ढे की गहराई नापता ग्रामीण। संवाद

ग्राम नसरौल में गंगा एक्सप्रेेस-वे के गड्ढे की गहराई नापता ग्रामीण। संवाद

ग्राम नसरौल में गंगा एक्सप्रेेस-वे के गड्ढे की गहराई नापता ग्रामीण। संवाद


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